रायपुर, 07 मई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गान के समान वैधानिक संरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश की सांस्कृतिक चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और राष्ट्रभक्ति की भावना को सम्मान देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दिया जाना देशवासियों के लिए गर्व और आत्मसम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा और करोड़ों भारतीयों की राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक है।
श्री साय ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों में नई ऊर्जा, साहस और आत्मबल का संचार किया था। यह गीत आज भी हर भारतीय के मन में मातृभूमि के प्रति समर्पण, सेवा और गौरव की भावना जागृत करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रभक्ति के प्रति सम्मान की भावना और अधिक मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और जनभावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से भी राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ सहित सभी राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा और सम्मान बनाए रखने का आह्वान किया।




