नई दिल्ली, 27 मई।लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए आरोप लगाया कि सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में भारी हेर-फेर हुआ है, जिससे लाखों छात्र और उनके अभिभावक सदमे में हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस कंपनी COEMPT को यह जिम्मेदारी सौंपी गई, वह पहले Globarena नाम से तेलंगाना में वर्ष 2019 में भी विवादों में रह चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी का नाम भले बदल गया हो, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली और नीयत नहीं बदली।
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब कंपनी का पिछला रिकॉर्ड विवादित था, तब उसे 18.5 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़ा इतना बड़ा ठेका आखिर क्यों दिया गया। उन्होंने इसे सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि “सोची-समझी साजिश” करार दिया।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और सीबीएसई से कई सवाल पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि COEMPT को यह ठेका किसके निर्देश पर दिया गया, चयन प्रक्रिया में किन नियमों को नजरअंदाज किया गया और कंपनी का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि कंपनी प्रबंधन और केंद्र सरकार के बीच क्या संबंध हैं।
उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी गठन की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को सामने लाना जरूरी है। राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और भविष्य को कोई नहीं छीन सकता तथा कांग्रेस इस मामले को अंत तक उठाएगी।
इधर, कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार मामले को गंभीरता से लेने के बजाय मंत्री का बचाव कर रही है, जो शर्मनाक है।
यह विवाद तब बढ़ा जब 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने अपने अंकों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। छात्रों का दावा है कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उनकी लिखावट से मेल नहीं खाती। इससे ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं की संभावित अदला-बदली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।




