होम छत्तीसगढ़ सूरजपुर से गरियाबंद तक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सौगातें

सूरजपुर से गरियाबंद तक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सौगातें

0

रायपुर/सूरजपुर/गरियाबंद, 17 जून। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सूरजपुर और गरियाबंद जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर विकास, जनकल्याण और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए। सूरजपुर में नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद उन्होंने गरियाबंद जिले में एक करोड़ सात लाख रुपये की लागत से निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया।

      सूरजपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने नगर पंचायत शिवनंदनपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रितेश जायसवाल एवं पार्षदों को बधाई देते हुए जनसेवा और विकास के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 6 में सुसज्जित मंगल भवन निर्माण की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिलना क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति है। इससे सुनियोजित नगरीय विकास को गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार एवं सुधार के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का आग्रह किया।

      उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और जनप्रतिनिधियों की भूमिका जनता तथा शासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु की है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और कॉल सेंटर का उपयोग करने की अपील भी की।

        कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि नगर पंचायत बनने से शिवनंदनपुर के विकास को नई दिशा मिलेगी, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

        इसके बाद मुख्यमंत्री श्री साय गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रापारा पहुंचे, जहां अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा केंद्रीय समिति बिन्द्रानवागढ़ द्वारा निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया। आदिवासी परंपरा के अनुसार उनका स्वागत पगड़ी पहनाकर और पीला चावल का तिलक लगाकर किया गया।

       मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल स्थित देवठाना में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

       सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कचना धुरवा की भूमि आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नव निर्मित गोंडवाना भवन सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

       मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित रहे गरियाबंद और बस्तर क्षेत्र में अब शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और सुरक्षा बलों के प्रयासों से विकास की नई तस्वीर उभर रही है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

       मुख्यमंत्री के दोनों जिलों के दौरे में विकास कार्यों, नगरीय सुविधाओं के विस्तार, आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिखाई दिया।