रायपुर, 11 जुलाई। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ग्राम नकटी में चल रहे भूमि विवाद का समाधान करने के बजाय अब वहां की जमीनों को लेकर एक नया विवाद खड़ा करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि नकटी सहित आसपास के कई गांवों की भूमि को नगर विकास योजना के तहत निजी डेवलपरों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
श्री अकबर ने आज यहां जारी बयान में बताया कि शासकीय अभिलेखों के अनुसार नकटी, सेरीखेड़ी, मंदिर हसौद, रमचंडी, बरौंदा और रीको की कुल 436.01 हेक्टेयर (करीब 1076 एकड़) भूमि को प्रस्तावित योजना में शामिल किया गया है। उनका कहना है कि सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस योजना में नकटी गांव की कुछ जमीनें भी शामिल हैं। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या इसमें वही विवादित भूमि भी शामिल है, जहां हाल ही में विध्वंस की कार्रवाई हुई थी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी निविदा दस्तावेजों के अनुसार चयनित एजेंसी को सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज और विद्युत जैसी आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के बदले मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) की भूमि के विकास और उसके विक्रय का अधिकार दिया जाएगा। उनके अनुसार इसका अर्थ है कि सरकार भूमि को सीधे बेचने के बजाय डेवलपर के माध्यम से निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 22 जुलाई 26 निर्धारित की गई है। अकबर ने कहा कि नकटी गांव की जमीन को लेकर पहले से विवाद बना हुआ है और प्रभावित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि गांव में हालिया विध्वंस के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता किसी नई विकास योजना को आगे बढ़ाने के बजाय प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और सर्वसम्मति से पुनर्व्यवस्था सुनिश्चित करने की होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जब तक सभी प्रभावितों को न्यायपूर्ण समाधान नहीं मिल जाता, तब तक सरकार इस प्रस्तावित भूमि विकास योजना पर आगे न बढ़े।




