रायपुर, 17 जुलाई। नकटी गांव में प्रशासनिक कार्रवाई से प्रभावित 85 गरीब परिवारों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और पीड़ा से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा मकान तोड़े जाने के बाद परिवारों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। राज्यपाल ने सभी पक्षों की बातें गंभीरता से सुनते हुए मामले पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने तथा गांव में ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के संबंध में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
मुलाकात के दौरान प्रभावित महिलाओं ने भावुक होकर बताया कि प्रशासन ने देर रात उनके मकानों को ध्वस्त कर दिया, जिससे परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। उनका कहना था कि मकान टूटने के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है, राशन बारिश में भीगकर खराब हो गया है और दैनिक जीवन संकट में आ गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मांग की कि बिना पर्याप्त नोटिस, वैकल्पिक व्यवस्था और मानवीय दृष्टिकोण अपनाए की गई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि मकान ध्वस्तीकरण के बाद गांव के 100 से अधिक मवेशी लापता हो गए या मलबे में दब गए, जिससे परिवारों की आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ा है।
चारागाह से जुड़े परिवारों के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनके पूर्वजों ने गांव के सामुदायिक हित और पशुओं के चराई क्षेत्र के लिए अपनी भूमि दी थी, लेकिन आज उन्हीं परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ रहा है। इसे उन्होंने अन्यायपूर्ण बताया।
ग्राम पंचायत के सरपंच ने भी राज्यपाल को बताया कि मकान तोड़ने की कार्रवाई ग्राम सभा की सहमति और ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना की गई। उनका कहना था कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना प्रशासन ने एकतरफा कदम उठाकर पंचायत राज व्यवस्था की भावना और कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मांग की कि सभी प्रभावित परिवारों का नकटी गांव में ही स्थायी पुनर्वास कराया जाए, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, उचित मुआवजा दिया जाए तथा बच्चों की शिक्षा, राशन, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों और शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों के साथ न्याय सुनिश्चित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।




