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राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष पहुंचा गांधी स्मृति, मोदी सरकार पर लोकतंत्र दबाने का आरोप

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नई दिल्ली, 23 जुलाई। जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ संभावित पुलिस कार्रवाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच गुरुवार शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सांसदों ने गांधी स्मृति पहुंचकर छात्रों के प्रति एकजुटता जताई। विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक असहमति को दबाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।

        इससे पहले कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों के सांसद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर एकत्र हुए। बैठक में छात्र आंदोलन और उनकी मांगों के समर्थन की रणनीति पर चर्चा की गई। इसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में 100 से अधिक विपक्षी सांसद बस से गांधी स्मृति के लिए रवाना हुए।

        गांधी स्मृति पहुंचने पर सांसदों ने नीट पेपर लीक प्रकरण से जुड़े दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्रगान गाया। इस दौरान राहुल गांधी अपने हाथ में संविधान की एक छोटी प्रति लिए हुए थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या जिस स्थान पर हुई थी, वहीं से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संदेश दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कठोर व्यवहार कर रही है और उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों से माफी की मांग भी दोहराई।

         कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की हत्या और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कथित हमलों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। गांधी स्मृति परिसर में विपक्षी सांसदों ने प्रतीकात्मक मार्च भी निकाला। इस दौरान कई सांसदों ने राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लिया, जबकि कुछ सांसदों ने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर विरोध दर्ज कराया।

         इससे पहले जब विपक्षी सांसद गांधी स्मृति के लिए रवाना हो रहे थे, तब सुनहरी बाग रोड पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ समय बाद बैरिकेड हटाकर बस को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई। बाद में अमित शाह के आवास के निकट पुलिस ने एक बार फिर सांसदों को रोकते हुए बताया कि उस क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है। इसके बाद पुलिस ने विपक्षी नेताओं को तीस जनवरी मार्ग की ओर जाने की अनुमति दे दी।

         इस बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें भारत के छात्रों के साथ खड़े होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले विपक्षी सांसदों को इंडिया गेट जाने से रोका गया और बाद में गांधी स्मृति पहुंचने में भी बाधाएं खड़ी की गईं। राहुल गांधी ने कहा कि यदि छात्र सड़कों पर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो विपक्ष का भी उनके साथ खड़ा होना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है।