होम ब्रेकिंग न्यूज ‘हमें प्यार से इस करप्ट सिस्टम को बदलना होगा’ :  राहुल गांधी

‘हमें प्यार से इस करप्ट सिस्टम को बदलना होगा’ :  राहुल गांधी

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प्रयागराज, 08 अगस्त। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी क्षमता का मुकाबला दुनिया का कोई भी देश नहीं कर सकता। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि देश को नफरत और हिंसा से नहीं, बल्कि प्यार और मोहब्बत के जरिए बदला जाएगा।

      हजारों छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत में करीब 40 करोड़ युवा हैं और यही देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। 21वीं सदी में भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में युवाओं की ताकत और उनका डेटा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि युवा और डेटा मिलकर 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था की ताकत बन सकते हैं।

      राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के डेटा के बिना AI का कोई अर्थ नहीं है। डेटा से AI बनाया जा सकता है, लेकिन AI से डेटा नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की क्षमता और डेटा का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन इसके बदले उन्हें पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं।

      उन्होंने कहा कि अमेरिका, चीन और रूस सहित दुनिया का कोई भी देश भारत के युवाओं की संभावनाओं का मुकाबला नहीं कर सकता, लेकिन देश में रोजगार के रास्ते बंद होते जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज बड़ी संख्या में युवाओं के पास डिग्री और प्रमाण पत्र हैं, लेकिन उन्हें उनके अनुरूप रोजगार नहीं मिल रहा है।

     राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा वर्षों तक पढ़ाई करते हैं और उनके परिवार उनकी शिक्षा पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। इसके बाद सिस्टम उन्हें एक सर्टिफिकेट देता है, लेकिन वह सर्टिफिकेट रोजगार की गारंटी नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं का डेटा बड़ी कंपनियों तक पहुंचाया जा रहा है और उन्हें रोजगार के बजाय रील बनाने तथा अस्थायी काम करने की सलाह दी जा रही है।

    उन्होंने कहा, “दर्द आपका, डेटा आपका, दौलत इनकी।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था बीजेपी-आरएसएस और पूंजीपतियों के फायदे के लिए काम कर रही है। उन्होंने उद्योगपति गौतम अडानी की संपत्ति में वृद्धि और भाजपा के बैंक बैलेंस का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा।

      राहुल गांधी ने संस्थानों में आरएसएस के लोगों की नियुक्ति का आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज, विश्वविद्यालय, ब्यूरोक्रेसी और मीडिया सहित विभिन्न संस्थानों में आरएसएस से जुड़े लोगों को जगह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी-आरएसएस की इस व्यवस्था ने रोजगार के अवसरों को प्रभावित किया है और विश्वविद्यालयों पर भी कब्जा किया जा रहा है।

छात्रों ने राहुल गांधी के सामने रखी अपनी समस्याएं

     कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने मंच पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कुछ छात्रों और छात्र नेताओं से बातचीत की। एक अभ्यर्थी ने पेपर लीक की घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने 2017 की दरोगा भर्ती परीक्षा, 2018 की यूपी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, 2020-21 की यूपी एसआई भर्ती परीक्षा, 2022 की लेखपाल भर्ती परीक्षा तथा 2023 की RO/ARO और कांस्टेबल भर्ती परीक्षाओं का उल्लेख किया।

     पटना से आई एक छात्र नेता ने भी छात्रों के विरोध प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि छात्र पहले पढ़ाई करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने के बाद जब वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं तो उन्हें लाठीचार्ज और हिरासत जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।

     एक अन्य छात्र ने उत्तर प्रदेश में लंबित भर्तियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार के पास पद उपलब्ध होने के बावजूद समय पर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की जा रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार नियमित रूप से भर्तियां जारी करे और परीक्षा कैलेंडर निर्धारित करे, ताकि युवाओं का समय और पैसा बर्बाद न हो।

‘नफरत और हिंसा से नहीं, मोहब्बत से बदलेंगे सिस्टम’

     कार्यक्रम के समापन पर राहुल गांधी ने कहा कि भारत की संस्कृति सत्य और अहिंसा की रही है। उन्होंने युवाओं से नफरत और हिंसा से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी छात्र के दिल में नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत होनी चाहिए।

      राहुल गांधी ने कहा कि देश की व्यवस्था में बदलाव प्यार और मोहब्बत के जरिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो युवा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वे अकेले नहीं हैं और वह उनके साथ खड़े हैं तथा आगे भी उनके साथ खड़े रहेंगे।