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जीडीपी के आंकड़ों पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, जयराम रमेश बोले- ‘पीआर से अर्थव्यवस्था नहीं चमकती’

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नई दिल्ली, 02 सितम्बर। देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के ताजा आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने अप्रैल-जून तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर पर सवाल उठाते हुए मोदी सरकार पर आंकड़ों को लेकर प्रचार करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि ‘पीआर’ के जरिए जीडीपी की तस्वीर भले ही चमकाई जा सकती है, लेकिन इससे अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होती।

      जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि देश की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर सरकारी आंकड़ों में बताए गए 7.8 प्रतिशत से काफी कम है। उन्होंने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के आकलन का हवाला देते हुए वास्तविक वृद्धि दर करीब 2.6 प्रतिशत होने का दावा किया।

      कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार अपनी टीम और मीडिया के माध्यम से जीडीपी वृद्धि के आंकड़ों का जोर-शोर से प्रचार कर रही है, जबकि देश की जमीनी आर्थिक स्थिति इससे अलग तस्वीर पेश करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था वास्तव में मजबूत हो, लेकिन इसके लिए वास्तविक स्थिति को स्वीकार करना जरूरी है।

       जयराम रमेश के मुताबिक, अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का रास्ता आंकड़ों को सजाने-संवारने से नहीं, बल्कि वास्तविक चुनौतियों को पहचानने और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने से होकर गुजरता है। उन्होंने सरकार से रोजगार के अवसर बढ़ाने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूती देने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की मांग की।

       उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए आम लोगों की मांग और आय बढ़ाना भी जरूरी है। इसके साथ ही आर्थिक असमानता को कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

       कांग्रेस महासचिव ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार को चुनिंदा ‘मित्र पूंजीपतियों’ को लाभ पहुंचाने के बजाय देश में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार करना चाहिए। उनके अनुसार, आर्थिक विकास तभी टिकाऊ माना जा सकता है, जब उसका फायदा समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचे और रोजगार तथा आमदनी के अवसर पैदा हों।

        जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस आर्थिक वृद्धि दर के आधार पर प्रधानमंत्री देशवासियों से उत्सव मनाने की अपील कर रहे हैं, उसी पर सरकार के पूर्व वित्त सचिव गंभीर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे में सरकार को राजनीतिक प्रचार के बजाय आंकड़ों और अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए।

       दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। इस आंकड़े को सरकार की ओर से अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत के तौर पर पेश किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी जीडीपी के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाने वालों पर कटाक्ष किया और कहा कि निराशावादियों के दावे विफल हुए हैं तथा भारत एक बार फिर आगे बढ़ रहा है।

       हालांकि, जीडीपी वृद्धि दर के इन आंकड़ों को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि केवल सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर बढ़ने से अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं होती। रोजगार, लोगों की वास्तविक आय, निजी निवेश, उपभोक्ता मांग और छोटे कारोबारों की स्थिति जैसे संकेतकों को भी आर्थिक मजबूती के आकलन में शामिल किया जाना चाहिए।

       कांग्रेस ने सरकार से यह भी सवाल किया है कि यदि अर्थव्यवस्था इतनी तेजी से बढ़ रही है तो इसका असर आम लोगों की आय और रोजगार के अवसरों पर किस हद तक दिखाई दे रहा है। पार्टी का तर्क है कि आर्थिक वृद्धि का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा, जब इससे लोगों की क्रय शक्ति बढ़े, कारोबारों में निवेश आए और युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार पैदा हों।

       जयराम रमेश ने सरकार से आर्थिक नीतियों पर पुनर्विचार करने और विकास के लाभ को अधिक व्यापक बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार को वास्तविक आर्थिक चुनौतियों को स्वीकार कर उनके समाधान पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल सकारात्मक आंकड़ों और प्रचार के जरिए आर्थिक तस्वीर पेश करनी चाहिए।