रायपुर, 05 सितंबर। झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत के फैसले का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने अदालत के निर्णय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे 25 मई 2013 के उस नृशंस हमले में जान गंवाने वाले नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों को न्याय मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है।
श्री देव ने यहां जारी बयान में कहा कि झीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे दर्दनाक और नृशंस घटनाओं में से एक था। इस हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके पुत्र दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, बस्तर के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व विधायक उदय मुदलियार सहित कई कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी।
उन्होंने कहा कि इस मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार प्रदेश और देश की जनता लंबे समय से कर रही थी। एनआईए की जांच और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों का उल्लेख करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अदालत ने 101 गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर 10 आरोपियों को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि विचारण के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो गई।
किरण देव ने कहा कि अदालत का फैसला यह संदेश देता है कि गंभीर अपराध करने वाला कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड मिलेगा और यह फैसला भविष्य में हिंसा तथा आतंक का रास्ता अपनाने वाले तत्वों के लिए चेतावनी बनेगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी निशाना साधा। उन्होंने बघेल के उन पुराने बयानों का जिक्र किया, जिनमें वे झीरम मामले से जुड़े सबूत होने की बात कहते रहे थे। किरण देव ने सवाल उठाया कि यदि तत्कालीन सरकार के पास इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत थे तो उन्हें न्यायालय के समक्ष क्यों प्रस्तुत नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि बघेल को अब यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिन सबूतों का दावा वे सार्वजनिक रूप से करते रहे, वे आखिर क्या थे और उन्हें अदालत में क्यों नहीं पेश किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पार्टी के कुछ नेताओं के नक्सलवाद को लेकर दिए गए कथित बयानों का हवाला दिया।




