होम छत्तीसगढ़ झीरम घाटी हत्याकांड: 10 दोषियों को मृत्युदंड, सीएम साय ने कहा- न्याय...

झीरम घाटी हत्याकांड: 10 दोषियों को मृत्युदंड, सीएम साय ने कहा- न्याय की जीत

0

रायपुर, 16 सितंबर। झीरम घाटी हत्याकांड मामले में जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत द्वारा सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न्याय की जीत बताया है। अदालत ने 2013 के इस बहुचर्चित माओवादी हमले के मामले में 5 सितंबर को सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था और बुधवार, 16 सितंबर को सजा का ऐलान किया।

      मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झीरम घाटी में हुआ बर्बर हत्याकांड छत्तीसगढ़ के इतिहास का ऐसा पीड़ादायक अध्याय है, जिसकी स्मृतियां लंबे समय तक प्रदेशवासियों को पीड़ा देती रहेंगी। उन्होंने कहा कि इस हिंसक घटना में प्रदेश के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों की जान गई थी।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में दोषी पाए गए सभी 10 माओवादियों को एनआईए की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा न्याय की जीत है। उन्होंने इस मामले की जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की भी सराहना की।

     श्री साय ने कहा कि झीरम घाटी का फैसला उन लोगों के लिए भी आत्मचिंतन का अवसर है, जो जनजातीय समाज की त्रासदी पर राजनीति करते हैं अथवा हिंसा और आतंक को वैचारिक या बौद्धिक समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा को संरक्षण देने के परिणाम अंततः समाज के लिए विनाशकारी होते हैं।

     उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ हिंसक रास्ता अपनाने वाले आतंक का प्रभाव किसी विचार या क्षेत्र की सीमाओं तक सीमित नहीं रहता। मुख्यमंत्री ने ऐसे तत्वों से हिंसा का रास्ता छोड़ने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने की अपील की।

     गौरतलब है कि 25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादी हमला हुआ था। इस हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल और उदय मुदलियार समेत कई नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों की मौत हुई थी। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में कुल 29 लोगों की जान गई थी।