रायपुर, 4 नवंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्राकृतिक एवं खनिज संसाधनों के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और प्रतिभाशाली मानव संसाधन को जोड़कर प्रदेश के विकास को नई गति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने बुधवार को रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के निदेशक प्रोफेसर जी. रंगराजन, वरिष्ठ वैज्ञानिकों और राज्य शासन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में छत्तीसगढ़ को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और चिकित्सा अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
इस दौरान IISc और छत्तीसगढ़ शासन के बीच तीन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में संभावित सहयोग, वैज्ञानिक अधोसंरचना के विकास और उनके क्रियान्वयन की प्रारंभिक रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि IISc जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की अनुसंधान विशेषज्ञता और शैक्षणिक अनुभवों का लाभ प्रदेश के विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, उद्योगों, स्वास्थ्य सेवाओं और युवाओं को मिलना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर, सरगुजा और अन्य दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आधुनिक शिक्षा, प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रस्तावित परियोजनाओं की तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत व्यवहार्यता का परीक्षण कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान और अनुसंधान में निवेश प्रदेश के दीर्घकालिक विकास तथा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। राज्य सरकार इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।




