Thursday , June 20 2024
Home / MainSlide / सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का चार बैंकों में होगा विलय- सीतारामन

सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का चार बैंकों में होगा विलय- सीतारामन

नई दिल्ली 30 अगस्त।केन्द्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का चार बैंकों में विलय करने का निर्णय लिया है।इसके बाद अब देश में 27 के बजाए 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक होंगे।

वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन ने आज यहां प्रेस कान्फ्रेंस में बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधार की यह घोषणा करते हुए कहा कि 2017 में 27 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक थे जो आज की घोषणा के बाद घटकर 12 रह जाएंगे। ये बैंक सुदृढ़, संगठित, ऊर्जावान और पर्याप्‍त पूंजी वाले होंगा। बैंक अब 50 खरब की अर्थव्‍यवस्‍था के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने और ग्राहकों को अधिक सुविधा देने की प्रक्रिया में सहायक होंगे।

उन्होने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक के साथ ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का विलय होगा।केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक के विलय की भी घोषणा की गई। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का विलय होगा। इलाहाबाद बैंक के साथ इंडियन बैंक के विलय की घोषणा की गई। सरकार देश को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक मजबूत वित्तीय प्रणाली बनाना चाहती है।

उन्‍होंने कहा कि पीएनबी, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का विलय किया जाएगा और यह 17 लाख 95 हज़ार करोड़ रुपये के कारोबार के साथ सार्वजनिक क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। वित्‍त मंत्री ने कहा कि कैनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक के विलय से यह चौथा सबसे बड़ा बैंक हो जाएगा। यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक के विलय से यह 14 लाख 59 हज़ार करोड़ रुपये के कारोबार के साथ यह 5 वां सबसे बड़ा बैंक बनेगा।

उन्‍होंने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के रूप में अपना कार्य जारी रखेंगे। भारतीय स्‍टेट बैंक देश का सबसे बड़ा बैंक है जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा तीसरा सबसे बड़ा बैंक बना रहेगा।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कामकाज में सुधार हुआ है। उन्‍होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी और नीरव मोदी जैसे भगोड़े कारोबारियों से बचने के लिए स्विफ्ट मैसेजिंग सिस्टम को अब कोर बैंकिंग सिस्टम से साथ जोड़ा गया है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक का विलय नहीं हुआ है।