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भूपेश सरकार खाद की किल्लत को लेकर केन्द्र पर लगा रही हैं झूठे आरोप -रमन

रायपुर 05 जुलाई।भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने आरोप लगाया हैं कि राज्य में खाद की किल्लत को लेकर केन्द्र सरकार पर झूठे आरोप लगाकर भूपेश सरकार अपनी अक्षमता का दोष उस पर मढ़ने की कोशिश कर रही है।

डा.सिंह ने आज यहां प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि केन्द्र सरकार ने राज्यों की ओर से जितनी खाद की मांग की गई थी,उसी के अनुसार छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों को आपूर्ति की।राज्य सरकार ने खाद के वितरण में गड़बड़ी और घोटाला किया उसके कारण आज राज्य में किसानों को खाद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।उन्होने कहा कि भूपेश सरकार ने खरीफ सीजन 2021 के लिए 10.25 लाख मैट्रिक टन खाद की मांग केन्द्र से की थी,जिसकी आपूर्ति केन्द्र ने कर दी अब अचानक मुख्यमंत्री डेढ़ लाख टन यूरिया और डेढ़ लाख मैट्रिक टन डीएपी की मांग प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग रहे है।

उन्होने कहा कि भूपेश सरकार को बताना चाहिए कि जब केन्द्र ने उसकी मांग के अनुरूप खाद की आपूर्ति कर दी तो फिर तीन लाख मैट्रिक टन खाद की मांग वह क्यों कर रही है।केन्द्र द्वारा भेजे गए उवर्रक का क्या हुआ।उन्होने कहा कि केन्द्र पर दोषारोपण की बजाय भूपेश सरकार को किसानों के सामने यह साफ करना चाहिए कि उन्होने खाद की जरूरत का जो प्लान केन्द्र को भेजा वह कितना है।प्रदेश में कुल कितने पंजीकृत किसान हैं।कितनी मांग की गई थी और कितनी आपूर्ति हुई है।

डा.सिंह ने कहा कि खाद की किल्लत का सामना किसानों को भूपेश सरकार के कुप्रबन्धन के कारण करना पड़ रहा है।उन्होने पूछा कि जब राज्य सरकार ने 15 करोड़ किलो कम्पोस्ट की खाद ने स्वयं तैयार की है तो फिर केन्द्र सरकार से पिछले वर्ष के मुकाबले 30 प्रतिशत अधिक खाद की मांग क्यों की जा रही है।उन्होने कहा कि राज्य में औसतन हर वर्ष 10 से 12 लाख मैट्रिक टन खाद की जरूरत होती है,फिर बगैर रकबा बढ़ाए 15 लाख मैट्रिक टन खाद की जरूरत कैसे पड़ गई।