छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: पश्चिम बंगाल में रेल दुर्घटना पर कांग्रेस बोली- रेल मंत्री इस्तीफा दे

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दुनिया में सबसे सुरक्षित यात्रा मानी जाने वाली भारतीय रेल मोदी राज में असुरक्षित और घातक बन गयी है। पिछले 10 सालों में मोदी सरकार ने रेलवे को बर्बाद कर दिया है।

पश्चिम बंगाल के जलपाई गुड़ी में हुई रेल दुर्घटना पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मृतकों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना किया है। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी और केंद्र के भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दुनिया में सबसे सुरक्षित यात्रा मानी जाने वाली भारतीय रेल मोदी राज में असुरक्षित और घातक बन गयी है। पिछले 10 सालों में मोदी सरकार ने रेलवे को बर्बाद कर दिया है। दुर्घटना, लेटलतीफी, अचानक रद्द होना भारतीय रेल की नई पहचान बन चुकी है।

शुक्ला ने तंज कसते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के जलपाई गुड़ी रेल दुर्घटना रेल मंत्रालय की घोर लापरवाही दिख रही है। एक ही ट्रैक में दो ट्रेनों के आने के चलते गंभीर रेल हादसा हुआ है। रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को रेल मंत्रालय के द्वारा बरती गई लापरवाही गैर जिम्मेदाराना रवैया की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मसला है और इस पूरे हादसे की बारीकी से जांच होनी चाहिए। जितने भी लोग इस घटना के लिए दोषी है उन सब पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा जो रेल के लिए कवच बनाया गया था जिसमें दावा किया गया था कि 2 ट्रेनें अगर आमने सामने होगी तो कवच उसकी सुरक्षा करेगी वह कवच कहां है? क्या आम जनता को भरमाने के लिए ही इस प्रकार से दावा किया गया जिन ट्रेनों में हादसा हुई क्या उन ट्रेनों में कवच नहीं लगाया गया था? नरेंद्र मोदी देश की जनता को जवाब देना चाहिए 10 सालों में रेल हादसे में 400 से अधिक लोगों की जानें गई है, 2000 से अधिक लोग घायल हुए हैं, राष्ट्र की संपत्ति को नुकसान अलग हुआ इसकी नैतिक जिम्मेदारी भी नरेंद्र मोदी की है।

सुशील आनंद ने कहा कि आजादी के बाद से देश की जनता की सेवा कर रहे भारतीय रेलवे को मोदी सरकार ने 10 साल में बर्बाद कर दिया। मोदी सरकार की निजीकरण की चाहत ने रेल को पटरी से उतार दिया है। भारतीय रेलवे की पहली घटना है कि घटना के बाद पुनः उसी स्थान पर दूसरी घटना हो जाती है और यह सब रेल मंत्रालय की लापरवाही से चलते हुआ है। मोदी सरकार में रेल मंत्रालय निरंकुश हो गया है। आम जनता की सुरक्षा उनके सुविधा का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।

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