Friday , April 12 2024
Home / MainSlide / उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से संबंधित विभागों की अनुदान मांगें पारित

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से संबंधित विभागों की अनुदान मांगें पारित

रायपुर, 20 फरवरी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की अनुदान मांगे पारित की गई।

  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अनुदान मांगों की चर्चा में कहा कि पिछले पांच वर्षों में पुलिस विभाग का मनोबल गिरा हुआ था, हमारी सरकार ने पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को बढ़ाने की पहल की। साथ ही अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम करने की दिशा में भी काम किया है।श्री शर्मा ने इस मौके पर पूरे प्रदेश में डायल 112 की सेवाएं शुरू करने, प्रदेश के सभी 11 हजार से अधिक पंचायतों को महिला सदन और अमृत सरोवर (तालाब) निर्माण की घोषणा की।

   श्री शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण युवाओं और समाज में नशा का कारोबार बढ़ा था। हमारी सरकार नशे के विरूद्ध प्रबलता के साथ कार्रवाई कर रही है। नशे के चैनल को तोड़ने के लिए दिल्ली, मुम्बई तक जाकर नशे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बजट में ऐसा प्रावधान किया है कि जेल सिर्फ बंदी गृह ना रहे बल्कि सुधार गृह के रूप में आगे बढ़े। इसीलिए कैदियों को उनके रूचि के अनुरूप विभिन्न ट्रेडों में कौशल उन्नयन किया जा रहा है। ताकि वे जब जेल से बाहर निकलने तो उनके हाथ में कुछ पैसे हो, उनके पास हुनर हो और स्व-रोजगार की दिशा में आगे बढ़ सके। इससे जेल से निकलने के बाद कैदी सभ्य समाज में अच्छी जिंदगी जी सकेंगे।

    श्री शर्मा ने माओवादी आंतकवाद की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे जवान विषम परिस्थितियों में भी बहादुरी से माओवादी-आतंक का सामना कर रहे है। इस समस्या के उन्मूलन के लिए राज्य सरकार द्वारा ऑपरेशन में जाने वाले राज्य पुलिस बल के लिए उच्च गुणवत्तायुक्त रेडी-टू-ईट फूड प्रदाय करने के लिए 01 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि माओवादी द्वारा जंगलों में लगाए गए स्पाईक एवं आईईडी से हमारे जवानों को पिछले कई वर्षों से नुकसान हो रहा है। इसके निजात के लिए जवानों के गश्त के दौरान स्पाईक रेजिस्टेंस बूट उपलब्ध कराने के लिए 02 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही विशेष अधोसंरचना योजना के लिए 60 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत अधोसंरचना निर्माण के साथ-साथ नवीन हथियार गोला-बारूद उपकरण, ड्रोन एवं अन्य हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर क्रय किया जा सके।

    इसी तरह प्रतिपूर्ति योग्य सुरक्षा संबंधी व्यय के लिए 321 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सर्चिंग के दौरान पुलिस पार्टी घने जंगलों में गश्त करती है, जहां सामान्य रूप से उपलब्ध संचार के उपकरण कार्य नहीं करते इसको ध्यान में रखते हुए जवानों के लिए आईसेट फोन खरीदी हेतु 01 करोड़ 52 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

   उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनांदगांव, कबीरधाम, रायगढ़, जशपुर और जगदलपुर जिलों में नवीन महिला थाना स्थापना के लिए 300 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। नवीन महिला थाना निर्माण के लिए 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही आगामी वर्षो में सभी जिलों में कम से कम एक-एक महिला थाना खोलने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

   श्री शर्मा ने कहा कि डायल 112 की सेवाओं को आम जनता को काफी सराहा जा रहा है। वर्तमान में डायल 112 सोलह जिलों में संचालित है। हमारी सरकार डायल 112 की सेवा का विस्तार पूरे राज्य में करने का प्रावधान किया है। इसके लिए 147.01 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के पुलिसकर्मियों के कल्याण हेतु सरकार कटिबद्ध होकर कार्य कर रही है। पुलिस कर्मियों के आवास की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए पुलिस अधिकारी-कर्मचारी के लिए आवास निर्माण हेतु 140.97 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

   श्री शर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुदान मांगों के जवाब में कहा कि पूरे प्रदेश में स्थापित किए गए 300 रीपा की स्थापना में हुए व्यय की जांच मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन करके जांच की जाएगी, लेकिन रीपा से जुड़े स्व सहायता समूह का लंबित भुगतान नहीं रोका जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए तत्परता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के 18 लाख से अधिक परिवारों के लिए पीएम आवास की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए इस वित्तीय वर्ष में 8,369 करोड़ रूपए की बजट के साथ कुल 12,206 करोड़ रूपए का प्रावधान अब तक किया गया है।

  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन योजना) के अंतर्गत 14 हजार 818 आवासों की स्वीकृति प्रदान करते हुए विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि 52.66 करोड़ रूपए जारी किया जा चुका है।