
रायपुर, 15 फरवरी।अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त लिपिकों के समक्ष वेतन वृद्धि में वसूली, नियुक्ति आदेशों की भिन्नता और कौशल परीक्षा की जटिल व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ, रायपुर जिला इकाई ने महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की।
कल 14 फरवरी को हुई इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लिपिकों ने अपने अनुभव साझा किए और समस्याओं के समाधान हेतु सामूहिक रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
जिला इकाई के अध्यक्ष जवाहर यादव ने यहां जारी बयान में बताया कि बैठक में वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) प्रकरणों में कोष, लेखा एवं पेंशन विभाग द्वारा की जा रही वसूली और वर्ष 2024 से शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन परिषद द्वारा आयोजित की जा रही कौशल परीक्षा से जुड़ी विसंगतियों पर गंभीर चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले अनुकंपा नियुक्ति आदेशों में काफी भिन्नता पाई जाती है। कई मामलों में एक ही नियोक्ता द्वारा छह महीने के भीतर जारी आदेशों में अंतर होने के कारण वेतन वृद्धि लागू करते समय अधिक भुगतान मानकर कोष, लेखा एवं पेंशन विभाग द्वारा वसूली की जा रही है। उपस्थित लिपिकों ने इसे कर्मचारियों के लिए अन्यायपूर्ण बताते हुए सरकार से सहानुभूतिपूर्वक विचार कर वसूली प्रक्रिया को शिथिल करने की मांग उठाई।
इसके अतिरिक्त यह मुद्दा भी सामने आया कि कई विभाग नियुक्ति आदेश जारी करने के बाद समय पर कौशल परीक्षा आयोजित नहीं करते, जिससे संबंधित कर्मचारियों को आर्थिक लाभ नहीं मिल पाता। शासन द्वारा राजपत्र में शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन परिषद को ही परीक्षा आयोजित करने का एकमात्र विकल्प घोषित किए जाने के निर्णय पर भी बैठक में पुनर्विचार की मांग की गई।
संघ ने सुझाव दिया कि परिषद द्वारा आयोजित परीक्षा के साथ-साथ पहले की व्यवस्था की तरह प्रत्येक नियोक्ता को भी अपने कर्मचारियों के लिए समय-समय पर कौशल परीक्षा आयोजित करने का अधिकार दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारियों को समय पर वेतन वृद्धि का लाभ मिल सके।
बैठक में अमितेष तिवारी, राजकुमार साहू, विभोर चतुर्वेदी, निशा जायसवाल, हनी पांडेय, सोनू शर्मा, दीपक तिवारी, अभिषेक नेताम, लोकेश टेंभरे, रमाकांत मरकाम, मनोजीत राय, गजेंद्र कुमार, राहुल साहू और लोकनारायण सहित अनेक लिपिक उपस्थित रहे।




