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बिहार: ईरान में अगवा युवक के मामले का विदेश मंत्रालय ने लिया संज्ञान

बिहार के युवक को झांसे में ले कर पटना से मुंबई, फिर वहां से दुबई, पाकिस्तान और उसके बाद ईरान ले जाया गया है। वहां से वाट्सएप के वॉइस रिकॉर्डिंग के जरिये उसके परिजनों से दो करोड़ रुपये की मांग की जा रही है।

भोजपुर के युवक को ईरान में बंधक बना व्हाट्सएप्प के जरिये दो करोड़ रुपए की फिरौती मांगी जा रही है। बंधक बनाया गया युवक पिरो के सुखरौली गांव निवासी मुंगी लाल साह का पुत्र गौरव गुप्ता है। झांसे में ले कर युवक को पटना से मुंबई, फिर वहां से दुबई, पाकिस्तान और उसके बाद ईरान ले जाया गया है। वहां से व्हाट्सएप्प के वॉइस रिकॉर्डिंग के जरिये उसके परिजनों से लगातार पैसे की मांग की जा रही है। इस मामले में बेबस परिजनों के द्वारा पिरो के हसनबाजार थाना में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। साथ ही आरा के सांसद सह केंद्रीय मंत्री आरके सिंह से भी अपह्रत युवक को वापस लाने की मांग की गई है। पिता को जिन दो अलग-अलग विदेशी नंबर से कॉल आ रहे, वह नंबर भी पुलिस को दी गई है। इस संबंध में पीरो डीएसपी राहुल सिंह का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस कार्रवाई कर रही है। उसे ईरान में नौकरी लगाने के लिए ले जाया गया था, अब संपर्क नहीं हो पा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय मामला है।

ड्रग्स के बदले गौरव को रख दिया गिरवी
गौरव के भाई राजन का कहना है कि गौरव 15 फरवरी को घर से ईरान के लिए पटना जंक्शन पहुंचा। पटना जंक्शन से लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस ट्रेन से मुंबई पहुंचा। जॉब एजेंट कंपनी (इंटरनेशनल किडनैपर गैंग) के खर्च पर वह मुंबई के एक होटल में करीब एक सप्ताह ठहरा। उसके बाद 22 फरवरी को एयर अरबिया एयरलाइंस से शारजाह एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरा। शारजाह में उसे इंटरनेशनल किडनैपर गैंग हैंडलर मिस्टर साहू और सोनू ने रिसीव किया। उस व्यक्ति ने गौरव को ईरान के तेल कारखाने में काम लगवाने की बात कही थी। उसे ईरान ले गया और छोड़कर भाग गया। आठ मई के बाद से गौरव से बात नहीं हो पा रही थी, तब उसने वायस मैसेज भेजना शुरू किया। वायस मैसेज भी किडनैपरों के द्वारा ही कराया जा रहा है। भाई राजन कुमार का कहना है कि आखिरी बार जब बात हुई तब उसने बताया था कि उसे जिस काम के लिए ईरान ले जाया गया था, उससे काम नहीं कराया गया। ड्रग्स के बदले गौरव को गिरवी रखने की बात आ रही है। गौरव के अपहरण की सूचना अहमदाबाद पुलिस ने स्वजन को दी है।

गौरव को गिरवी रख ड्रग्स लिए थे
गौरव के भाई राजन ने बताया कि 29 अप्रैल को पोरबंदर बंदरगाह के रास्ते ड्रग्स लेकर तस्कर भारत पहुंचने वाले थे। इसकी सूचना भारतीय तट रक्षक, एनसीबी और एटीएस को पहले से थी। कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने पांच पैडलरों को गिरफ्तार कर लिया था, जिनसे करोड़ों के ड्रग्स बरामद किए गए थे। गिरफ्तार अंतराष्ट्रीय तस्करों में से एक के मोबाइल में गौरव का नम्बर मिला, फिर पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने सारा माजरा बताया कि गौरव को गिरवी रख कर हमलोग ड्रग्स उठाये है।

पैसा नहीं देने पर हत्या की धमकी दी जा रही
परिजनों का कहना है कि अब लगातार व्हाट्सएप्प कॉल और वॉइस मैसेज से पाकिस्तानी नंबर से फिरौती की मांग की जा रही है। किडनैपरों के द्वारा कॉल पर उर्दू में बात करने का दबाव बनाया जाता है लेकिन उर्दू नही आने के वजह से गौरव उनलोगों से गुहार लगाता है कि हिंदी में ही बात करने दिया जाय। लेकिन भोजपुरी भाषा का इस्तेमाल कर किडनैपरों के सामने से ही गौरव सारी परिस्थितियों से परिजनों को वाकिफ करा देता है।

केंद्रीय मंत्री आरके सिंह से लगाई गुहार
परिवार वाले अब केंद्रीय मंत्री आर के सिंह से संपर्क कर बेटे को मुक्त कराने की गुहार लगाई है। केंद्रीय मंत्री आरके सिंह विदेश मंत्रालय को पत्र लिख कर युवक की बरामदगी की अपील किये है। इस मामले में विदेश मंत्रालय हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है और ईरान में भारतीय एंबेसी में संज्ञान ले कर कार्यवाई शुरू की जा चुकी है। विदेश मंत्रालय से मेल के जरिये परिजनों का संपर्क बनाए हुआ है।

अब हम उसको कभी यहां से दूर नही भेजेंगे
अपह्रत गौरव की मां का यहां रो-रो कर बुरा हाल है। माता जगवांति देवी का कहना है कि अब एक ही उम्मीद है कि मोदी सरकार ही मेरे बेटे को वापस ला सकती है। हम उनसे भीख मांग रहे हैं कि एक बार मेरे बेटे को वापस सरकार ला दे फिर हम उसको कभी यहां से दूर नही भेजेंगे।