राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2024 की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया और कुछ न्यूज पोर्टलों पर उठाए गए सवालों पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष, गोपनीय और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जा रही है, ऐसे में बिना आधार के लगाए जा रहे आरोप भ्रामक हैं।
आयोग ने बताया कि प्रत्येक विषय के प्रश्नपत्रों के मूल्यांकन के लिए बड़ी संख्या में विषय-विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाती है। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कई चरणों से होकर गुजरती है, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। इस दौरान गोपनीयता बनाए रखना सभी मूल्यांकनकर्ताओं की अनिवार्य जिम्मेदारी होती है।
आयोग का कहना है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर व्यक्तिगत द्वेषवश मूल्यांकनकर्ताओं के नाम सार्वजनिक कर परीक्षा प्रक्रिया को संदेहास्पद बताने की कोशिश की है। आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रयासों से चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित नहीं होगी।
साथ ही आयोग ने भरोसा दिलाया कि अपने संवैधानिक दायित्वों और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के प्रति वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मूल्यांकनकर्ताओं के नाम उजागर करने वाले स्रोत की जानकारी जुटाई जा रही है और जरूरत पड़ने पर विभागीय अथवा कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।