
रायपुर, 13 जनवरी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर साहित्य, संस्कृति और विचारों के महाकुंभ की साक्षी बनने जा रही है।साहित्य उत्सव के रूप में शब्दों और संवेदनाओं का यह भव्य आयोजन नवा रायपुर अटल नगर में आकार ले रहा है।
आयोजन की तैयारियों को लेकर नवा रायपुर स्थित संवाद भवन में आयोजन समिति की एक अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें कार्यक्रम की समग्र रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में अतिथियों की सहभागिता, साहित्यिक सत्रों की योजना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पुस्तक मेले की व्यवस्था तथा प्रचार-प्रसार की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने इस अवसर पर कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बौद्धिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक पहचान को राष्ट्रीय फलक पर मजबूती से स्थापित करने का अवसर है।
उल्लेखनीय है कि आगामी 23 से 25 जनवरी तक तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया जाएगा। इस महोत्सव में देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक साथ मंच साझा करेंगे। आयोजन के दौरान साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कला-प्रदर्शन दर्शकों को साहित्य की विविध विधाओं से रूबरू कराएंगे।
रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के अंतर्गत एक भव्य पुस्तक मेले का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के प्रमुख और ख्यातिनाम प्रकाशन समूह अपनी पुस्तकों के साथ भाग लेंगे। यह उत्सव पुरखौती मुक्तांगन की पारंपरिक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
बैठक में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शंशाक शर्मा, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विश्वरंजन, अपर संचालक जनसंपर्क उमेश मिश्रा तथा आलोक देव ने भी रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के सफल आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव और मार्गदर्शन प्रदान किया।
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