(संतोष कुमार यादव)
सुलतानपुर। प्रतिभा जब समर्पण और नेतृत्व से जुड़ती है तो उसकी उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं रहती, बल्कि पूरे जनपद की पहचान बन जाती है। सुलतानपुर जिले की ज्योति सिंह ने ऐसा ही इतिहास रचते हुए भारत स्काउट एवं गाइड के सर्वोच्च प्रशिक्षणों में शुमार ‘लीडर ट्रेनर गाइड’ की प्रतिष्ठित उपाधि हासिल कर ली है। इसके साथ ही वह सुलतानपुर की पहली प्रशिक्षिका बन गई हैं, जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ है। ज्योति भाजपा के मीडिया प्रभारी विजय सिंह रघुवंशी की पत्नी हैं।
मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र, पचमढ़ी में आयोजित सात दिवसीय उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर से चयनित प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कठिन प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता और प्रशिक्षण कौशल के विभिन्न मानकों पर सफल होने के बाद ज्योति सिंह को ‘लीडर ट्रेनर गाइड’ की उपाधि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश से केवल चार महिला प्रशिक्षिकाएं ही यह उपलब्धि हासिल कर सकीं, जिनमें ज्योति सिंह भी शामिल हैं।
ज्योति सिंह वर्तमान में भारत स्काउट एवं गाइड, उत्तर प्रदेश की जिला ट्रेनिंग कमिश्नर (गाइड) के रूप में कार्यरत हैं। उनकी नई जिम्मेदारी से अब सुलतानपुर सहित प्रदेश में गाइड प्रशिक्षकों के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और नेतृत्व विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इस उपलब्धि पर जिला मुख्य आयुक्त एवं जिला विद्यालय निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह, सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटाशंकर यादव, जिला कमिश्नर (स्काउट) डॉ. दिनेश प्रताप सिंह तथा जिला सचिव डॉ. गुलाब सिंह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि सुलतानपुर के स्काउट-गाइड आंदोलन की बढ़ती गुणवत्ता और सक्रियता का प्रमाण है।
जिला ट्रेनिंग कमिश्नर (स्काउट) धर्मेंद्र प्रताप सिंह, जिला संगठन कमिश्नर गौरव सिंह और जिला संगठन आयुक्त (गाइड) कांति सिंह सहित पूरे स्काउट-गाइड परिवार ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि ज्योति सिंह की सफलता से नई पीढ़ी के स्काउट्स और गाइड्स को नेतृत्व, अनुशासन और सेवा के मूल्यों के प्रति प्रेरणा मिलेगी।
स्काउट-गाइड संगठन में ‘लीडर ट्रेनर’ का दर्जा अत्यंत प्रतिष्ठित माना जाता है। यह उपाधि उन प्रशिक्षकों को दी जाती है जो प्रशिक्षण देने, नेतृत्व विकसित करने और संगठन की गतिविधियों को उच्च स्तर पर संचालित करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में ज्योति सिंह की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि सुलतानपुर के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का विषय बन गई है।




