रायपुर 06 जुलाई।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को रायपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार, चिकित्सा महाविद्यालय में 103 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन का विस्तार, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवासीय परिसर सहित कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि मरीजों, मेडिकल विद्यार्थियों और चिकित्सकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों ने पूर्व में छात्रावास निर्माण की मांग रखी थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से स्वीकार करते हुए अब उसके निर्माण की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में जनता से किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया है और “मोदी की गारंटी” के संकल्प को धरातल पर उतारा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से डीएम कार्डियक कोर्स सहित विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं के लिए लगातार सहयोग मिला है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में छत्तीसगढ़ को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की भी सौगात मिलेगी, जिससे प्रदेश की औषधीय वनस्पतियों और आयुर्वेद को नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया है। उन्होंने मेडिकल विद्यार्थियों से अपील की कि वे पढ़ाई पूरी करने के बाद केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक प्रदेश के हर क्षेत्र में अपनी सेवाएं दें।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ये परियोजनाएं चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, नर्सिंग कॉलेजों का विस्तार, फिजियोथेरेपी संस्थानों की संख्या में वृद्धि तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 10 एकड़ क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का निर्माण भी तेजी से जारी है।




