रायपुर, 06 जुलाई। नकटी गांव में ग्रामीणों के मकान तोड़े जाने के मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा इस कार्रवाई के समर्थन में की गई पत्रकार वार्ता सरकार की “बेशर्मी” को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बरसात के मौसम में गरीबों के मकान तोड़कर सरकार ने बड़ा अन्याय किया है और अब अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए भाजपा के नेता लगातार भ्रामक बयान दे रहे हैं।
शुक्ला ने सवाल उठाया कि जब नया रायपुर में विधायक आवास के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, तब नकटी गांव में तोड़फोड़ क्यों की गई? उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि यह कार्रवाई किसके निर्देश पर और किन निजी हितों को ध्यान में रखकर की गई।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीबों के घर उजाड़कर प्रदेश में अराजकता का माहौल बना रही है, जबकि प्रभावित लोगों की आवाज उठाने पर कांग्रेस पर ही अराजकता फैलाने का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस पर आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा के इस दावे को भी खारिज किया कि नकटी में विधायक आवास बनाने की योजना कांग्रेस सरकार के समय बनी थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में ऐसा प्रस्ताव जरूर आया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने उसे मंजूरी नहीं दी थी।
उन्होंने भाजपा नेताओं के बयानों में विरोधाभास का आरोप लगाते हुए कहा कि एक दिन पहले ही हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने पत्रकार वार्ता में कहा था कि नकटी में विधायक आवास बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, जबकि अब मंत्री केदार कश्यप दावा कर रहे हैं कि इसकी योजना कांग्रेस सरकार ने बनाई थी। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा पहले यह तय करे कि उसका आधिकारिक पक्ष क्या है।
शुक्ला ने दावा किया कि नकटी में विधायक आवास बनाने की योजना वर्तमान भाजपा सरकार की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी का विधानसभा में दिया गया बयान और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद का पत्र भी इस बात का प्रमाण है कि सरकार गरीबों के मकान हटाकर वहां विधायक आवास विकसित करना चाहती है। कांग्रेस ने पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराकर प्रभावित ग्रामीणों को न्याय देने की मांग की।




