अयोध्या, 6 जुलाई। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के बाद उठे विवाद के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आपात बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। करीब चार घंटे तक चली बैठक में ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। साथ ही कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच पूरी होने तक प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में राम मंदिर परिसर में हुई बैठक में ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य और संत मौजूद रहे। बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि चढ़ावे की चोरी की घटना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 11 जुलाई को प्रस्तावित बैठक को पहले ही बुलाया गया।
गोविंद देव गिरि ने कहा कि चंपत राय इस घटना से बेहद आहत थे। उनका मानना था कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी और उन्हें सजा नहीं मिल जाती, तब तक उन्हें पद पर बने नहीं रहना चाहिए। इसी भावना के साथ उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे ट्रस्ट के संविधान के प्रावधानों के तहत स्वीकार कर लिया गया।
ट्रस्ट ने मंदिर से अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने संबंधी दावों को पूरी तरह निराधार बताया। गोविंद देव गिरि ने कहा कि रामायण, चरण पादुका सहित मंदिर की सभी लगभग 2800 पंजीकृत ऐतिहासिक एवं बहुमूल्य वस्तुएं सुरक्षित हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास उपलब्ध है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा रखें।
प्रेस वार्ता में उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी श्रद्धालु को चढ़ावे या मंदिर प्रबंधन को लेकर कोई संदेह है, तो वह ट्रस्ट कार्यालय आकर जानकारी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।
नवनियुक्त अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कार्यभार संभालने के बाद कहा कि प्रबंधन व्यवस्था में जहां भी कमियां या खामियां रही हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि हालिया घटनाओं से ट्रस्ट की छवि को नुकसान पहुंचा है, जिसे सुधारने के लिए सभी न्यासी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं के दान और मंदिर की व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि किसी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे।
गोविंद देव गिरि ने मीडिया और आम लोगों से अपील की कि वे केवल प्रमाणिक और अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करें। उन्होंने कहा कि चोरी की घटना को लेकर कुछ लोग भ्रामक प्रचार कर रहे हैं, जिससे समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है। ट्रस्ट को देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा मिलेगी।
प्रेस वार्ता के दौरान गोविंद देव गिरि ने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ लोग इस घटना को अनावश्यक रूप से तूल देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राम भक्ति का विरोध करने वाले कुछ लोग इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने हिंदू समाज से अफवाहों से सतर्क रहने और न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने की अपील की।




