बालोद, 15 जुलाई। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की जिला स्तरीय बैठक मंगलवार को गुंडरदेही में आयोजित हुई। बैठक में महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी.के. वर्मा, प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हुए।
प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने बताया कि 10 जुलाई को मुख्य सचिव विकासशील के साथ हुई बैठक में पेंशनरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा गया। इनमें 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) का एरियर सहित भुगतान, कैशलेस चिकित्सा योजना में पेंशनरों को शामिल करना, पेंशन रोकने की प्रक्रिया पर रोक, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों के लिए निःशुल्क बस यात्रा के प्रभावी क्रियान्वयन, पृथक पेंशन कार्यालयों की स्थापना, ई-पेंशन कार्ड, लंबित एरियर का भुगतान तथा नियमितीकृत कर्मचारियों की पूर्व सेवा अवधि को पेंशन लाभ के लिए मान्यता देने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी.के. वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ इकाई आजीवन सदस्यों की संख्या के मामले में देश में अग्रणी है और बालोद जिले का इसमें महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने संगठन को और मजबूत बनाने तथा पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान आठ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ की आजीवन सदस्यता दिलाकर अंगवस्त्र, श्रीफल और संगठन का बैज पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिले के अनेक पेंशनरों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं और सुझाव भी साझा किए।




