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शिक्षकों की भूमिका तकनीक के दौर में और महत्वपूर्ण : राज्यपाल डेका

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रायपुर, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया।

     वर्ष 2025-26 के लिए 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार तथा चार शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा की।

     समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में शिक्षकों और विद्यार्थियों का नई तकनीकों से परिचित होना जरूरी है, लेकिन तकनीक का उपयोग विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और मानवीय मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। AI हमारा सहायक बने, नियंत्रक नहीं। उन्होंने कहा कि तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन संस्कार, संवेदना, अनुशासन, प्रेरणा और जीवन की सही दिशा शिक्षक ही दे सकते हैं। इसलिए बदलते समय में शिक्षक की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

     राज्यपाल ने शिक्षकों से निरंतर अपने ज्ञान और कौशल को अद्यतन करने तथा विद्यार्थियों की रुचि और प्रतिभा पहचानकर उन्हें उचित विषय एवं करियर चुनने में मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण केवल नौकरी नहीं, बल्कि महान और गरिमामय दायित्व है। शिक्षक अपने आचरण से भी विद्यार्थियों को प्रभावित करते हैं।

      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षक वास्तव में राष्ट्र और नई पीढ़ी के निर्माता हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या रोजगार नहीं, बल्कि ज्ञानवान, संस्कारवान, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद अब प्रदेश में कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में स्थानीय बोली के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा, स्कूलों में पैरेंट्स-टीचर मीट और 341 विद्यालयों को पीएम श्री योजना के तहत विकसित करने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

      स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश में AI आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं और शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। समारोह में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के राजेश कुमार प्रजापति, कोरबा के कामता प्रसाद जायसवाल, दुर्ग की प्रज्ञा सिंह और सारंगढ़-बिलाईगढ़ की प्रियंका गोस्वामी को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया।