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न्यायिक जांच आयोग का कार्यकाल बढ़ाने पर बृजमोहन ने जताई कड़ी आपत्ति

रायपुर 11 नवम्बर।छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने जीरम नक्सल हमले की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग के रिपोर्ट सौंप कर काम समाप्त करने के बाद उसकी समय सीमा बढ़ाने एवं सदस्यों की संख्या बढ़ाये जाने पर कड़ी आपत्ति जताई हैं।

श्री अग्रवाल ने आज यहां जारी बयान में कहा कि भूपेश सरकार एक-एक कर लगातार संवैधानिक संस्थाओं के अपमान कर रही है।जब सरकार ने जांच रिपोर्ट देखी ही नहीं, जांच रिपोर्ट उनको मिली ही नहीं, फिर यह कैसे कह सकती है कि जांच रिपोर्ट अधूरी है। बिना जांच रिपोर्ट देखें रिपोर्ट के बारे में टिप्पणी करने व उस रिपोर्ट का इंतजार न कर आनन फानन में कांग्रेस प्रमुख का बयान आना व मुख्यमंत्री के बयान से यह स्पष्ट हो गया कि सरकार जीरम घाटी का सच सामने आ जाने को लेकर सहमी, घबराई व डरी हुई है। जांच रिपोर्ट के इंतजार किए बिना आनन-फानन में कांग्रेस पार्टी व सरकार लगातार बयान दे रही है।

उन्होने कहा कि न्यायिक जांच आयोग द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत कर देने के बाद, ऐसे ही आयोग का  कार्यकाल समाप्त हो जाता है। किंतु सरकार ने कार्यकाल बढ़ाकर व सदस्य संख्या बढ़ाकर यह तो स्पष्ट कर दिया है कि सरकार की नियत में कहीं ना कहीं खोट है। सरकार नहीं चाहती कि जीरम की जांच रिपोर्ट सामने आए।

श्री अग्रवाल ने कहा की मुख्यमंत्री श्री बघेल एवं कांग्रेस पार्टी जोरशोर से कहती थी कि उनके जेब में जीरम के सच का सबूत है।एक दिन में दूध का दूध एवं पानी का पानी कर देंगे। पर इस सबूत को जेब से तीन साल में नहीं निकाल पाए।

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