71 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, अब विकास और शांति की राह पर


मुख्यमंत्री बोले – बस्तर में छट रहा है नक्सलवाद का अंधियारा
रायपुर, 24 सितम्बर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर अंचल में नया विश्वास जगाया है। माओवादी हिंसा के झूठे नारों से भटके लोग अब विकास और शांति का रास्ता अपना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पूना मारगेम अभियान और दंतेवाड़ा जिले के लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर हाल ही में 71 नक्सलियों ने हथियार छोड़ आत्मसमर्पण किया है। इनमें से 30 पर 50 हजार से लेकर 8 लाख रुपये तक का कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक दिए गए हैं। साथ ही सरकार उनकी सुरक्षित और सम्मानजनक पुनर्वास यात्रा के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 1770 से अधिक माओवादी मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। डबल इंजन सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन किया जाए और आत्मसमर्पित साथियों को बेहतर जीवन का अवसर प्रदान किया जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा – “बस्तर अब बदल रहा है। नक्सलवाद का अंधियारा छँट रहा है और यह बदलाव क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य व स्थायी शांति की दिशा में मजबूत कदम है।”




