मकर संक्रांति के बाद समाजवादी पार्टी संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी है। कई जिलाध्यक्ष बदले जाएंगे और प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर भी फेरबदल होगा। विधानसभा चुनाव को देखते हुए अखिलेश यादव ने टिकट वितरण और संगठन सशक्त करने की रणनीति बनाई है।
समाजवादी पार्टी अपने संगठन में मकर संक्रांति के बाद बड़े बदलाव करेगी। कई जिलाध्यक्ष हटाए जाएंगे तो प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े बदलाव होंगे। सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव के मदद्देनजर यह रणनीति तैयार की है। इसके तहत सभी जातियों के नेताओं को संगठन में जगह मिलेगी।
सपा अध्यक्ष के नजदीकी सूत्र बताते हैं कि एक-तिहाई से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में उन नेताओं को मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत सभी तैयारियों करने के निर्देश दे दिए गए हैं, जिन्हें आगामी चुनाव में टिकट दिया जाना है। एक तरह से सपा नेतृत्व ने टिकट फाइनल करना शुरू कर दिया है। ताकि, टिकट पाने वालों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। वे बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत कर सकें।
प्रमुख जातियों को एडजस्ट किया जाना संभव नहीं…
किसी भी एक जिले में टिकट देने में वहां की सभी प्रमुख जातियों को एडजस्ट किया जाना संभव नहीं है, इसलिए सपा ने खास रणनीति तैयार की है। इसके तहत कुछ जातियों को टिकट देकर तो कुछ को संगठन में अहम स्थान देकर अपना जनाधार बढ़ाया जाएगा। इन जातियों के प्रतिनिधियों को मकर संक्रांति के बाद प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर की कमेटियों में स्थान मिलेगा।
इसके अलावा आने वाले समय में किसी भी जिले में जिन जातियों के नेताओं को टिकट देने की योजना है, वहां संगठन में उनसे इतर जातियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को अधिकाधिक स्थान दिया जाएगा। साथ ही जिन जिलाध्यक्षों ने एसआईआर में या अन्य पार्टी कार्यक्रमों में सक्रियता से हिस्सा नहीं लिया, उनकी छुट्टी भी होगी। सपा के एक प्रमुख नेता ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ कहा कि मकर संक्रांति के बाद पार्टी संगठन में आमूल-चूल बदलाव दिखेगा।
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