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ज्ञान–गति के बाद ‘संकल्प’ का नया जुमला बजट: दीपक बैज

रायपुर, 24 फरवरी। छत्तीसगढ़ के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि “ज्ञान” और “गति” की विफलता के बाद अब “संकल्प” का नया जुमला पेश किया गया है, लेकिन यह बजट भी प्रदेश की जनता को निराश करने वाला साबित होगा।

      श्री बैज ने कहा कि वित्त मंत्री का बजट भाषण जमीनी हकीकत से दूर और केवल कल्पनाओं पर आधारित नजर आया। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के विकास को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन बजट प्रावधान उन दावों के अनुरूप नहीं दिखे।

भर्ती और रोजगार पर सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने याद दिलाया कि पिछले बजट में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की गई थी, लेकिन इस बार यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उनमें से कितनी भर्तियां पूरी हुईं। उन्होंने भाजपा के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए उस वादे का भी उल्लेख किया, जिसमें पांच वर्षों में एक लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई थी। उनके अनुसार, इस बजट में नई नौकरियों को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि न तो नए स्कूल और महाविद्यालय खोलने की योजना सामने आई है, न कौशल उन्नयन के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। सिंचाई परियोजनाओं, महिला स्व-सहायता समूहों के रोजगार और औद्योगिक विकास के लिए भी बजट में पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखती।

बिजली, कृषि और सामाजिक योजनाओं पर चिंता

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए मात्र 80 करोड़ रुपये का प्रावधान यह संकेत देता है कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को बंद करने की तैयारी है। उद्योगों के लिए “लैंड बैंक” तैयार करने की घोषणा को उन्होंने किसानों की जमीन अधिग्रहण की मंशा से जोड़ा।

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ता, छात्राओं के लिए मुफ्त यातायात, डीएड अभ्यर्थियों की भर्ती, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और रसोईया संघ की मांगों पर भी बजट में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।

रिक्त पदों और नियमितीकरण पर चुप्पी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, 56 हजार शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए कोई ठोस पहल नहीं दिखाई गई है। अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण पर भी बजट मौन है। भर्ती परीक्षा एजेंसी को मजबूत करने की बात जरूर कही गई है, लेकिन आगामी वर्ष में कितनी नौकरियां दी जाएंगी, इस पर स्पष्टता नहीं है।

  उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के युवाओं, किसानों, महिलाओं और कर्मचारियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में असफल रहा है।