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बस्तर में 108 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

जगदलपुर 11 मार्च।छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच बड़ी सफलता मिली है। आज बस्तर में 108 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों और प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर हथियार छोड़ते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताया और समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया।

  जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से विभिन्न नक्सली संगठनों से जुड़े हुए थे और बस्तर के कई इलाकों में सक्रिय रहे थे। सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया।

आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत समर्पित नक्सलियों को नियमानुसार आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

अधिकारियों ने बताया कि बस्तर में लगातार चल रहे अभियान, ग्रामीणों का सहयोग और सरकार की विकासपरक योजनाओं के कारण नक्सलियों का मनोबल कमजोर हुआ है और बड़ी संख्या में वे आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने भी कहा कि वे अब हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की राह पर चलना चाहते हैं तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखते हुए समाज के साथ मिलकर सामान्य जीवन बिताना चाहते हैं।

   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही मुहिम को एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि अब बस्तर में बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की जीत हो रही है।उन्होंने कहा कि जगदलपुर में ₹3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में शांति, सुशासन और विकास की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है।

 उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने राजधानी मे मीडिया से कहा कि..आज बस्तर में 108 नक्सलियों ने हथियार रखकर लोकतंत्र के पुनर्वास को स्वीकार कर किया। हम कहते हैं हम आज भी एक गोली नहीं चलाना चाहते। आपका स्वागत है..।

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