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नक्सलवाद पर सियासी घमासान: दीपक बैज ने रमन सिंह के पत्र पर उठाए सवाल

रायपुर, 01 अप्रैल। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

    श्री बैज ने आरोप लगाया कि डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में नक्सलवाद की समाप्ति का श्रेय केंद्र सरकार को देते हुए वास्तविक तथ्यों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विस्तार के लिए खुद रमन सिंह की सरकार जिम्मेदार रही है। वर्ष 2003 से 2018 तक उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान नक्सलवाद, जो पहले बस्तर के सीमित इलाकों तक था, वह बढ़कर राज्य के कई जिलों में फैल गया।

   प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ताड़मेटला और झीरम जैसे बड़े नक्सली हमलों की घटनाएं उसी दौर में हुईं, जिनका दाग आज भी राज्य की स्मृति में मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती मनमोहन सिंह की सरकार के समय शुरू हुई थी, जबकि मौजूदा सरकार ने इसमें कोई विशेष वृद्धि नहीं की।

   श्री बैज ने आगे कहा कि डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का उल्लेख तक नहीं किया, जो भाजपा के अंदरूनी मतभेदों को दर्शाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नक्सलवाद के खिलाफ ठोस रणनीति कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही तैयार की गई थी।

   इसके अलावा, बैज ने डॉ. रमन सिंह द्वारा अमित शाह की तुलना सरदार वल्लभभाई पटेल से किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की तुलना देश के महान नेताओं का अपमान है।

   श्री बैज ने कहा कि यदि वास्तव में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, तो डॉ. रमन सिंह को अपनी सुरक्षा व्यवस्था, विशेष रूप से एनएसजी सुरक्षा, हटाने की मांग भी करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के पत्र से प्रदेश की जनता की भावनाएं आहत होती हैं।

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