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रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराया

बिलासपुर, 02 अप्रैल।छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया है।

    चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की स्पेशल डिवीजन बेंच ने यह आदेश देते हुए उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं।

    यह मामला पहले सबूतों के अभाव में अमित जोगी के बरी होने के साथ समाप्त हो गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इसे दोबारा खोला गया। पुनः सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लगभग 11 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की, जिसमें हत्या से जुड़े कई अहम साक्ष्य शामिल बताए गए।

   सीबीआई की इसी विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने अमित जोगी के खिलाफ आरोप तय किए और अंतिम सुनवाई के बाद उन्हें दोषी माना। कोर्ट के आदेश के अनुसार अब उन्हें तीन हफ्तों के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

   सुनवाई के दौरान स्वर्गीय रामावतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने अदालत में दावा किया कि उनके पिता की हत्या एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश का परिणाम थी। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य इस साजिश की पुष्टि करते हैं।

    वहीं, हाईकोर्ट के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित जोगी ने कहा कि उन्हें पूरी तरह अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने इस निर्णय को अप्रत्याशित बताते हुए कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है और वे आगे कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे।

   अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित अपील पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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