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छत्तीसगढ़ में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर लाया जाएगा निंदा प्रस्ताव- साय

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रायपुर, 20 अप्रैल।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पारित नहीं होने पर कांग्रेस औरइंडी गठबंधन के दलों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इसे देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भविष्य के साथ किया गया गंभीर विश्वासघात बताया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव लाएगी, ताकि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदेश की आवाज उठाई जा सके।

     रायपुर में आयोजित जन आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने के बाद महिलाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना और शौचालय निर्माण जैसे कदमों ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है और उन्हें सम्मान व आत्मनिर्भरता प्रदान की है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक प्रयास किया गया। इसके लिए 16 से 18 अप्रैल तक विशेष संसद सत्र बुलाया गया, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

     साय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित INDI गठबंधन के दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस अवसर को विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंची है और नारी शक्ति इसे कभी नहीं भूलेगी।

     मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला है। रायपुर में आयोजित महिला पदयात्रा में हजारों महिलाओं ने भाग लेकर अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि यह भागीदारी दर्शाती है कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित हो चुकी हैं।

   श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव पारित करेगी, जिससे विपक्ष के रवैये के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया जा सके।