चेन्नई/कोलकाता, 21 अप्रैल।तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मंगलवार शाम को चुनाव प्रचार थम गया। मतदान से 48 घंटे पहले लागू होने वाले नियमों के तहत अब दोनों राज्यों में किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को जनसभा, रैली या प्रचार अभियान चलाने की अनुमति नहीं होगी।
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं, साथ ही सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
प्रचार के अंतिम दिन तक दोनों राज्यों में राजनीतिक दलों और दिग्गज नेताओं ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। अब मतदान की प्रक्रिया शांत माहौल में संपन्न कराने पर प्रशासन का पूरा ध्यान केंद्रित है।
पश्चिम बंगाल: पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है, जिसमें कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में करीब 3 करोड़ 60 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे, जिनमें लगभग 1 करोड़ 75 लाख से ज्यादा महिला मतदाता शामिल हैं।
पहले चरण में उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और जंगलमहल क्षेत्र के कुल 16 जिलों की सीटों पर वोटिंग होगी। इनमें मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, मालदा, बीरभूम, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर सहित कई महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं।
तमिलनाडु: एक चरण में सभी 234 सीटों पर चुनाव
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराया जाएगा। 23 अप्रैल को राज्य की सभी 234 सीटों पर मतदान होगा। इस चुनाव में 4,023 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि लगभग 5.73 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे।
इस बार चुनाव में खास तौर पर अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्रि कझगम) पर सभी की नजरें टिकी हैं। कई सीटों पर मिल रहे जनसमर्थन के चलते उनकी पार्टी को अहम भूमिका में देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की है। अब सभी की निगाहें 23 अप्रैल को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं।




