रायपुर, 06 जून। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और सीबीएसई की व्यवस्थागत गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लगातार दूसरे वर्ष नीट परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के सामने आने से केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
श्री शुक्ला ने आज यहां जारी बयान में कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी हुई है। छात्र पूरे वर्ष कठिन परिश्रम कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक की खबरों से उनकी मेहनत और उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार दूसरी बार ऐसी घटनाएं होना इस बात का संकेत है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां हैं और इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं के पीछे शिक्षा माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि दोबारा परीक्षा आयोजित की जाती है तो उसकी मानसिक और आर्थिक जिम्मेदारी कौन लेगा। शुक्ला ने कहा कि करीब 22 लाख छात्रों को फिर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल करना उनके साथ अन्याय होगा। बार-बार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।
श्री शुक्ला ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें।




