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Lucknow: ई-20 के शोर में भी नहीं बढ़ी प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री

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देशभर में ई-20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित) को लेकर बहस और वाहन मालिकों की आशंकाओं के बीच लोगों की पसंद में बड़ा बदलाव नहीं है। लखनऊ में प्रमुख तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल के 1 से 9 जुलाई 2026 तक के बिक्री आंकड़े बताते हैं कि अब भी सबसे ज्यादा मांग सामान्य पेट्रोल की ही है। दूसरी ओर प्रीमियम श्रेणी के एक्सपी-95 की हिस्सेदारी सीमित है, जबकि शुद्ध पेट्रोल एक्सपी-100 की बिक्री न के बराबर है।

आंकड़ों के अनुसार, नौ दिनों में लखनऊ में 27,22,000 लीटर साधारण पेट्रोल और 1,13,000 लीटर एक्सपी-95 बिका है। एक्सपी-100 की बिक्री नौ दिनों में शून्य रही। दूसरे शब्दों में कहें तो कुल बिक्री में साधारण पेट्रोल की हिस्सेदारी करीब 96 फीसदी, एक्सपी-95 की करीब 4 फीसदी है। लखनऊ में नौ दिनों में सभी तेल कंपनियों की कुल बिक्री करीब ढाई गुना होने पर करीब 68 लाख लीटर साधारण पेट्रोल, करीब 2.80 लाख लीटर एक्सपी-95 और एक्सपी 100 की बिक्री न के बराबर है।

पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि अधिक कीमत चुकाकर प्रीमियम पेट्रोल लेने वाले ग्राहकों की संख्या सीमित है। वहीं, एक्सपी-100 की कीमत बहुत ज्यादा होने से मांग बेहद कम है।

अधिक ऑक्टेन का फायदा : साधारण पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग 91 होती है, जबकि एक्सपी-95 की 95 है। अधिक ऑक्टेन के कारण इंजन में नॉकिंग कम होती है और दहन अधिक प्रभावी होता है। उच्च क्षमता वाले वाहनों में प्रदर्शन बेहतर मिलता है।

साधारण पेट्रोल (एमएस / ई-20)
करीब 20% एथेनॉल व 80% पेट्रोल होता है।
अधिकांश नए वाहनों के लिए उपयुक्त।
कीमत करीब 101.86 रुपया प्रति लीटर।

एक्सपी-95
20% एथेनॉल, लेकिन ऑक्टेन नंबर 95 है।
उच्च क्षमता के इंजन में बेहतर प्रदर्शन का दावा।
कीमत करीब 110.47 रुपया प्रति लीटर।

एक्सपी-100
100 ऑक्टेन शुद्ध पेट्रोल, एथेनॉल नहीं है।
हाई-परफॉर्मेंस और प्रीमियम वाहनों के लिए ।
कीमत करीब 160 रुपया प्रति लीटर।

ई-85 पर विशेषज्ञ कर रहे शोध, इंजन में होगा बदलाव

आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक व आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल और उनकी टीम ई-85 ईंधन पर शोध कर रही है। अगर शोध सफल रहता है तो भविष्य में 85 फीसदी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहन रफ्तार भरेंगे। इसके लिए वाहन के इंजन और हार्डवेयर में बदलाव करना होगा। आईआईटी कानपुर के इंजन रिसर्च लैब में अनुसंधान कर रहे डॉ. ध्रुव राज कैराना ने ई-20 ईंधन से खराब हो रही गाड़ियों को अफवाह बताया। माइलेज कम होने और गाड़ी की शक्ति घटने के दावों पर डॉ. कैराना ने कहा कि दैनिक जीवन में इसका खास अंतर देखने को नहीं मिलता है।