MainSlideछत्तीसगढ़

राज्यपाल ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से की राष्ट्र निर्माण में योगदान की अपील

दंतेवाड़ा 30 सितम्बर।छत्तीसगढ़ के राज्यपाल अनुसुइया उईके ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से कहा कि वे नक्सली संगठन से जुड़े हुए अन्य लोगों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए प्रेरित करें और समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे।

सुश्री उईके ने आत्मसर्मपित नक्सलियों से आज कहा कि बस्तर अंचल में अमन-चैन और शान्ति स्थापित करने सहित बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सहित अंदरूनी इलाकों में सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों को कराए जा रहे है। वहीं जनजातीय समुदाय के लोगों को आजीविका के साधन मुहैया कराये जाने व्यापक पहल किया जा रहा है। इसके परिणाम स्वरूप नक्सली गतिविधियों में शामिल लोग उनका साथ छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के लिये आगे आ रहे हैं।

राज्यपाल ने आत्म समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और उनके रोजगार के लिये हरसंभव प्रयास किये जाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को आत्म समर्पित नक्सलियों की महिला सदस्यों को महिला स्व-सहायता समूह बनाकर स्व-रोजगार प्रदान करने के निर्देश भी दिए।

आत्म समर्पण कर पुलिस उप निरीक्षक की सेवा करने वाले श्री संजय पोटामी ने राज्यपाल को बताया कि वह नक्सलियों के द्वारा स्थानीय लोगों का शोषण और हिंसा से त्रस्त हो चुका था। वहीं घर-परिवार की दिक्कतों को देखकर नक्सलियों का साथ छोड़ दिया और अब खुशहाल जीवन बसर कर रहा है। साथ ही तीन दिन पहले आत्म समर्पण करने वाले नक्सली राजू मिडको ने भी अपने घर-परिवार की देखरेख तथा बच्चों की शिक्षा देने के लिये नक्सलियों का साथ छोड़ने की बात कही। सुश्री उईके ने आत्म समर्पित नक्सलियों के परिजनों से भी भेंटकर उन्हें आवास एवं रोजगार के लिये आवश्यक सहायता प्रदान करने आश्वस्त किया।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव एसके जायसवाल, कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

Related Articles

Back to top button