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एफसीआई में चावल जमा नहीं होने से धान खरीद संकट में- चौबे

रायपुर 31 दिसम्बर।छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा हैं कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई)में चावल जमा नहीं होने से समर्थन मूल्य पर चल रही धान खरीद संकट में हैं।

श्री चौबे ने आज यहां धान खरीद के लिए गठित मंत्री मण्डलीय उप समिति के सदस्यों की राज्य के लगभग 300 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कहा कि धान खरीदी छत्तीसगढ़ सरकार का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। केन्द्र सरकार द्वारा आज पर्यन्त तक एफसीआई में चावल लेने की अनुमति नहीं देने की वजह से धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग का पूरा सिस्टम बाधित होने लगा है। यही स्थिति रही तो आने वाले समय में धान खरीदी प्रभावित होगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कल 30 दिसम्बर को धान खरीदी के संबंध में मंत्रि-मण्डल के सदस्यों के साथ आपात बैठक हुई जिसमें राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अद्यतन स्थिति को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं खाद्य मंत्री पीय़ूष गोयल से एफसीआई में धान जमा कराने की अनुमति के संबंध में सीधी  बातचीत भी की है।

श्री चौबे ने बताया कि केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य को 60 लाख मेट्रिक टन चावल जमा करने की सैद्धांतिक सहमति दी है, किन्तु एफसीआई में चावल जमा करने की सहमति आज तक नहीं मिली है। इस कारण कस्टम मिलिंग प्रभावित हो रही है। चावल जमा न होने तथा कस्टम मिलिंग प्रभावित होने से बारदाने की रिसाईकलिंग नहीं हो पा रही है। इस कारण धान खरीदी के लिए बारदाने की भी समस्या हो रही है।

उन्होने कहा कि कस्टम मिलिंग प्रभावित होने से धान खरीदी केन्द्रों में उपार्जित धान इकट्ठा हो गया है। संग्रहण केन्द्रों में धान जाम होने और बारदानें की समस्या के कारण धान खरीदी में दिक्कत आ सकती है। राज्य सरकार अपनी स्तर पर बारदानें की व्यवस्था कर धान खरीदी कर रही है। केन्द्र सरकार से अब तक केवल 1 लाख पांच हजार गठान बारदाना मिला है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार किसानों ने एक मत से सरकार के साथ पूर्ण से सहयोग करने का भरोसा दिलाया और कहा कि वे सभी परिस्थितियों में धान खरीदी कार्य में सहयोग करेंगे। किसान समय बढ़ाकर धान बेचने के लिए भी तैयार है। धान बेचने के लिए अपने बारदाना भी देंगे। धैर्य से काम लेंगे। किसानों ने यह भी कहा कि वे केन्द्र सरकार के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे और एफसीआई में तत्काल चावल जमा कराने की अनुमति देने का आग्रह करेंगे।