Thursday , December 1 2022
Home / MainSlide / भूपेश ने भेंट मुलाकात कार्यक्रम की फिर की शुरूआत

भूपेश ने भेंट मुलाकात कार्यक्रम की फिर की शुरूआत

रायगढ़ 01 सितम्बर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूजा अर्चना कर भेंट मुलाकात कार्यक्रम की फिर शुरूआत की और लोगो की मांग पर कई विकास कार्यों की सौगात दी।

श्री बघेल ने जिले के नवापारा में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की शुरूआत मुनीचुआँ आश्रम में पूजा अर्चना कर की।उन्होने आश्रम परिसर में बरगद का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और ग्रामीणों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री को ग्रामीणों ने काशी फूल की टोपी पहनाकर सम्मानित किया।

श्री बघेल ने ग्रामीणों की मांग पर नवापारा में उपस्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करने, ग्राम कठानी में उप स्वास्थ्य केंद्र हेतु नवीन भवन निर्माण, ग्राम पंचायत मिडमिडा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु नवीन भवन, एकताल मार्ग से लहंगापाली तक सड़क निर्माण, ग्राम पंचायत पुसौर के बोराडीपा में सर्व समाज हेतु सामुदायिक भवन, ग्राम मल्दा में पहुँचविहीन ग्राम सोडकला तक सड़क, मुनिचुआं आश्रम परिसर में बाउण्ड्री वाल निर्माण, पुसौर के बड़ी हरदी में मिनी स्टेडियम, महानदी के समीप सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में बाढ़ राहत केंद्रों का निर्माण, रेंगालपाली में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण की घोषणा की।

भेंट-मुलाकात के दौरान किसान बसंत कुमार ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि उसे राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 94-94 हजार रूपए की दो किश्त मिल गई है। हाफ बिजली बिल योजना के तहत 9194 रूपए की छूट मिली है। इसके अलावा अल्पकालीन कृषि ऋण माफ योजना के तहत 70 हजार रूपए कर्ज से मुक्ति मिली है। मुख्यमंत्री ने श्री बसंत कुमार को चुटकी लेते हुए कहा कि इतना फायदा हुआ है कि बहु को भी कुछ लाकर देना।

इसी प्रकार लाल कुमार पटेल ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि मैं गोधन न्याय योजना के तहत हर महीने करीब 36 हजार रूपए के गोबर बेचता हूं। इससे वे घर गृहस्थी की जिम्मेदारी बेहतर ढंग से निभा रहे है। साथ ही मुलू राम सहित अनेक ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना की प्रशंसा करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में आए मृत्युंजय कुमार ने श्री बघेल को बताया कि उन्हें शासन की हरियाली योजना के तहत अपनी निजी भूमि पर पांच हजार सागौन के पौधे रोपित किए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत अब तक 32 हजार 300 रूपए का लाभ हुआ है।