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राहुल ने कांग्रेस अधिवेशन में मोदी सरकार पर किया करारा हमला

शहीद वीर नारायण सिंह नगर 26 फरवरी।पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चीन और अडानी को लेकर मोदी सरकार एवं भाजपा पर करारा हमला करते हुए कहा हैं कि सत्ता के लिए वह कुछ भी कर सकते है,किसी से मिल सकते हैं तो किसी से झुक सकते है।

श्री गांधी ने आज यहां कांग्रेस के 85 वें अधिवेशन में कहा कि ये सावरकर की विचारधारा के लोग है।इनका तरीका है कि ताकतवर है तो सिर झुका लो,कमजोर है तो मारो।महात्मा गांधी ने सत्ता के विरोध के लिए सत्याग्रह नाम दिया लेकिन यह सत्ताग्राही है।उन्होने विदेश मंत्री जयशंकर का नाम लिए बगैर उनके चीन को लेकर दिए साक्षात्कार पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि,,वह कहते है कि चीन की अर्थव्यवस्था बड़ी है भारत उनसे कैसे लड़ सकता है..।उन्होने पूछा कि जब अंग्रेज भारत पर राज करते थे तो क्या उनकी अर्थव्यवस्था हमसें छोटी थी।

उन्होने अडानी समूह की तुलना ईस्ट इंडिया कम्पनी से करते हुए कहा कि संसद में जब अडानी के दुनिया में 609वें स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने का सवाल उठाया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस समूह का रिश्ता पूछा तो पूरी सरकार एवं मंत्री अडानी की रक्षा करने के लिए खड़े हो गए।सेल कम्पनियों से हजारों करोड़ रूपए हिन्दुस्तान भेजा जा रहा है ,यह पैसा किसका है। अडानी रक्षा क्षेत्र में भी काम करते है।यह गंभीर मामला है देश की सुरक्षा से जुड़ा है। जांच क्यों नही करवाते,जेपीसी क्यों गठित नही करते।

श्री गांधी ने प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी और अड़ानी एक है। देश का पूरा पूरा धन एक व्यक्ति को जा रहा है।संसद इस मसले पर पूरी की पूरी स्पीच रिकार्ड से हटा दी जाती है। उन्होने चुनौती भऱे लहजे में कहा कि अडानी के बारे में संसद मे हजारों बार पूछेंगे और जब तक अड़ानी की सच्चाई नही निकलेगी हम चुप नही बैठेंगे।उन्होने अडानी समूह के कर्मचारियों से कहा कि यह कम्पनी देश को नुकसान पहुंचा रही है।पूरी की पूरी अद्योसंरचना को छीन रही है।आसअट इंडिया कम्पनी यहीं करती थी।इतिहास रिपीट हो रहा है।

भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होने कहा कि इस यात्रा से उन्हे बहुत कुछ सीखने का मौका मिला।इस यात्रा में उनकी हर वर्ग के लोगो से मुलाकात हुई और उनकी मुश्किलों को जानने का मौका मिला।महिलाओं,युवाओं के दिल में क्या दर्द है उसको को वह बंया नही कर सकते है।उन्होने यात्रा की शुरूआती मुश्किलों का जिक्र किया और कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक लोगो के मिले प्रेम को कभी नही भुलने वाला बताया।

उन्होने यात्रा के जम्मू कश्मीर में खासकर घाटी में मिले जोरदार समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे इस दौरान कुछ कश्मीरी युवकों ने पूछा कि जब हम पर जुल्म होता है तो शेष हिन्दुस्तान को खुशी होती होगी तो उन्होने उनसे कहा कि कश्मीरियों के दुख दर्द के साथ करोड़ो हिन्दुस्तानी खड़े है,जो खुश होते है उनकी संख्या हजारों में होगी।

श्री गांधी ने कहा कि देश के सर्वाधिक आतंकवाद प्रभावित इलाकों में हजारों हजार कश्मीरी युवकों के हाथ में तिरंगा देखना और सड़क से लेकर पहाड़ों तक तिरंगा लहराता देखना उनके लिए बहुत ही सुखद अनुभूति थी।जिस जगह से सुरक्षा बलों को दो हजार लोगो के जुटने का अनुमान तक जब 40 हजार लोग आ गए तो उनकी व्यवस्था ही ध्वस्त हो गई।उन्होने कहा कि कश्मीरी युवकों के जज्बात और उनके हाथों में तिरंगा देखकर सीआरपीएफ के लोगो ने उनसे कहा कि..यहां मैंने कभी ऐसा नही देखा..।

उन्होने कहा कि मोदी जी कहते है कि मैंने भी लाल चौक पर झंडा फहराया था 15-20 लोगो के साथ जाकर।मौं कहता हूं कि हमनें हजारों लोगो के साथ जाकर झंडा फहराया और उनके दिलों में तिरंगे और हिन्दुस्तान की भावना डाल दी जिसे आपने छीन लिया था।दिल के अन्दर से भावना आती है,और उसे जगाने का काम उन्होने किया।

श्री गांधी ने कहा कि कांग्रेस तपस्पियों की पार्टी है न कि पुजारियों की।उन्होने चार महीने की भारत जोड़ो यात्रा के जरिए की गई तपस्या से कांग्रेसजनों और देशवासियों में उम्मीद जगा दी है।यह तपस्या बन्द नही होनी चाहिए।कार्यक्रम होतो रहने चाहिए।उन्होने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से कहा कि तपस्या का कार्यक्रम वह बनाए और बताए,उसमें वह अपना खून पसीना देंगे और तपस्य़ा में खड़े हो जायेंगे।वह ही नही बल्कि देश खड़ा हो जायेंगा।