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मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने ईडी के छापे पर उठाए गंभीर सवाल

रायपुर 24 अगस्त।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा ने प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की कल अपने निवास पर छापे की कार्रवार्ई पर गंभीर सवाल उठाते हुए उसे रहजनी और डकैती निरूपित किया हैं।

      श्री वर्मा ने आज यहां प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि बिल से खरीदे गए जेवरात,बैंक एकाउन्ट डिटेल और बेटे को शादी में उपहार में मिले लिफाफे की धनराशि का पूरा ब्योरा उपलब्ध करवाने के बावजूद भी ईड़ी अधिकारियों ने जेवरात की जब्ती बनाई।उन्होने कहा कि छापे में आए अधिकारियों ने किन्ही से फोन पर बात कर सभी जेवरात का बिल होने की जानकारी दी,पर उधर से जो भी निर्देश के बाद उसने कहा कि जब्ती की कार्यवाई होगी।

      उन्होने कहा कि उनके घर में छह सदस्य है,सभी कमाने वाले है।इन छह सदस्यों में उनकी मां को पिता के निधन के बाद धी पेंशन मिलती है।इस सभी का ब्योरा देने पर भी दो लाख 55 हजार रूपए की नगदी को जब्त किया गया। उन्होने कहा कि पूरा ब्योरा देने के बाद भी ईडी अधिकारी कहते रहे कि आप सन्तुष्ट नही कर पा रहे है।श्री वर्मा के कहा कि वह ईडी अधिकारियों से बार बार छापे का धार पूछते रहे पर उन्होने चुप्पी साधे रखी।

      कई प्रमुख समाचार संस्थानों में वरिष्ठ पत्रकार रहे श्री वर्मा ने कहा कि जहां तक उन्हे जानकारी हैं कि ईडी के छापे का आधार भोपाल से प्रकाशित होने वाली एक पत्रिका हैं जिसके खिलाफ उन्होने स्वयं दिसम्बर 22 में दुर्ग के पुलिस अधीक्षक,पुलिस महानिरीक्षक एवं राज्य के पुलिस महानिदेशक से कर चुके है।उन्होने कहा कि पत्रिका के बारे में किसी को कुछ बताने की जरूरत नही है,इसके खिलाफ वह कड़ी कानूनी कार्रवाई करने जा रहे है।

     उन्होने कहा कि महादेव एप में उनकी भूमिका की ईडी पहले जांच कर लेती और उसके बाद कार्रवाई करती,ते उन्हे कोई दिक्कत नही होती।उन्होने कहा कि जिस कांस्टेबिल चन्द्रभूषण वर्मा के द्वारा बयान में उनका नाम लेने की बात की जा रही है,उसे मेरा या मुख्यमंत्री का दूर दूर तक कोई रिश्ता नही है।उन्होने कहा कि किसी अभियुक्त के बायन या महज डायरी में किसी का नाम होने से उसके कइलाफ कार्रवाई नही हो सकती जब तक उसके खिलाफ सुबूत नही हो।

   श्री वर्मा ने कहा कि ईडी वाले सुबूत लेकर आए कि अगर किसी भी तरीके से उन्होने अठन्नी भी गलत ढ़ग से अर्जित की है,तो वह किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार है।उन्होने कहा कि एक पत्रकार के नाते वह उन सभी चीजों से दूर रहे है जहां दलदल था।उन्होने कहा कि उऩ्हे राज्य की तत्कालीन भाजपा की रमन सरकार ने ब्लैकमेंलिग के जिस आरोप में 65 दिन जेल में रखा और मामले की जांच सीबीआई से करवाई,उसने आरोप पत्र में ही वह धारा हटा दी जिसमें उन्हे जेल में रखा गया था।

   उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में सर्वेक्षणों और अन्य माध्यमों से भाजपा को पूरा विश्वास हो गया है कि वह राज्य में चुनाव हार रही है,इसलिए छत्तीसगढ़ में सत्ता पक्ष के लोगो के प्रति उनका प्रेम ज्यादा उमड़ा है।उन्होने कहा कि हम घबराने वाले लोग नही है।इस तरह के लगातार केन्द्रीय एजेन्सियों के निशाना बनाने और उत्पीडित करने की शिकायते वह जनता के बीच लेकर जायेंगे,और पूरा भरोसा है कि जनता उनकी बात समझेंगी और मतदान उनके पक्ष में करेंगी।