आलेख
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मोदी के दूसरे कार्यकाल में अपेक्षाओं के पहाड़ ज्यादा ऊंचे होंगे – उमेश त्रिवेदी
लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक जीत के बाद राजनीतिक हलकों में खिंचे सन्नाटे में कई नए-पुराने सवाल…
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सामने मोदी ; फिर मुश्किल तो है ! – राज खन्ना
चाहें तो 11 मार्च 2017 का कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का ट्वीट याद कर लीजिए। तब यू पी…
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गांधी परिवार; बड़ा हुआ तो क्या हुआ !- राज खन्ना
गिनती ने मोहर लगाई। पर राहुल गांधी ने अमेठी की हार की इबारत लड़ाई शुरु होने के पहले ही पढ़…
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राहुल के बाद क्या मतदाताओं की कसौटी पर खरी उतरेंगी मीनाक्षी – अरुण पटेल
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की कोर टीम की महत्वपूर्ण सदस्य और उनकी भरोसेमंद सहयोगी मीनाक्षी नटराजन क्या एक बार फिर…
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भारत-मां के मंदिर में गंदगी फैलाकर लोकतंत्र की पूजा बेमानी – उमेश त्रिवेदी
बंगाल में दुर्गा-पूजा, भगवान राम और वंदे-मातरम् के चुनावी जयकारों के बीच एकाएक यह अनुत्तरित सवाल जहन में कुलांचे भरने…
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कितना कामयाब होगा भाजपा कांग्रेस का नए चेहरों पर दांव – अरुण पटेल
जनसंघ के बड़े नेता रामचन्द्र बड़े, युवा तुर्क कांग्रेस नेता शशिभूषण और प्रदेश में सहकारिता के पुरोधा, प्रदेश के पूर्व…
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उज्जैन में बलाई समाज की नाराजी को क्या कांग्रेस भुना पायेगी – अरुण पटेल
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित उज्जैन लोकसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ रही है और केवल 2009 में कांग्रेस के…
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मोदी-ममता के ‘पावर-प्ले’ में हिंसा ने लोकतंत्र को ‘आउट’ किया – उमेश त्रिवेदी
हिन्द महासागर के पूर्वोत्तर में दुनिया की सबसे बड़ी खाड़ी बंगाल की खाड़ी के शीर्ष तट से 180 किलोमीटर दूर…
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कांग्रेस की ताकत बनीं प्रियंका क्या भेद पाएंगी भाजपा के गढ़ – अरुण पटेल
मध्यप्रदेश में अंतिम चरण में 19 मई को जिन आठ लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होने जा रहा उनमें से एक…
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सिख-दंगों पर ताजा बहस क्या ‘टाइम’ की उपाधि की पुष्टि है? – उमेश त्रिवेदी
फिलवक्त, जबकि बजरिए मीडिया, भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी अकाली दल वोटों की फसल पकाने के लिए 1984 के सिख-दंगों…
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