
रायपुर, 29 नवम्बर।छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों और बस्तर में शांति स्थापना के लिए चलाए जा रहे सतत प्रयासों को एक और बड़ी सफलता मिली है।राज्य में कल 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य, भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, बस्तर में “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय और दूरदर्शी पहलों का महत्वपूर्ण प्रभाव दिखाई देने लगा है।
सरकार की इन पहलों से प्रभावित होकर माओवादी हिंसा के भ्रमजाल में फँसे लोग अब मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को कुल 65 लाख रुपए के इनाम वाले 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य, भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कदम बदलते बस्तर और सरकार की सफल रणनीति का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी व्यक्तियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन के लिए निर्धारित सभी पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
सरकार का दावा है कि अब तक बड़ी संख्या में माओवादियों का मुख्यधारा में लौटना जनता के विश्वास और प्रशासनिक पहल की बड़ी उपलब्धि है। इन नीतियों ने बस्तर में शांति, विश्वास और विकास के लिए एक नया परिवेश तैयार किया है।
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