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पुलिस भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता: जिम्मेदार अधिकारियों पर हो कड़ी कार्रवाई –महंत

रायपुर, 30 जनवरी।छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्तियों पर रोक लगाना कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष थी, तो फिजिकल टेस्ट के दौरान लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को नष्ट क्यों किया गया।

  डॉ. महंत ने आरोप लगाया कि पुलिस भर्ती में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है और इस पूरे मामले में जिम्मेदार चयन समिति के अधिकारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024–25 की पुलिस भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और आर्थिक लेन-देन की शिकायतें मिलने पर कांग्रेस ने विधानसभा में प्रश्नों के माध्यम से सरकार से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। इसके जवाब में सरकार ने राजनांदगांव और बिलासपुर जिलों में भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और अनियमितता को लिखित रूप से स्वीकार किया था, जबकि अन्य जिलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार किया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया से असंतुष्ट अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर फिजिकल टेस्ट की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की थी। यदि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष थी, तो पुलिस विभाग द्वारा सीसीटीवी फुटेज का विनिष्टीकरण क्यों किया गया?

डॉ. महंत ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में पूरे प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने की बात कहते हुए नियुक्ति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है, जिससे कांग्रेस पार्टी के आरोप सही साबित हुए हैं।

उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सुशासन और जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली सरकार प्रदेश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। भर्ती प्रक्रिया में देरी और अनियमितताओं के कारण जिन युवाओं की आयु सीमा पार हो जाएगी, उसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी।