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राज्यपाल के अभिभाषण में रजत जयन्ती वर्ष में विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

रायपुर, 23 फरवरी। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने विधानसभा में अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतिगत प्राथमिकताओं और भविष्य की विकास रूपरेखा का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।

       श्री डेका ने विधानसभा के बजट सत्र के आज प्रथम दिन अपने अभिभाषण में राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से विधानसभा के नवीन भवन का लोकार्पण लोकतंत्र के इस मंदिर के लिए ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को वर्ष 2047 तक प्राप्त करने का संकल्प दोहराया।

नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ी सफलता

  राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में स्पष्ट किया कि बीते दो वर्षों में माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की गई है। इस अवधि में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए, 2704 ने आत्मसमर्पण किया और 2004 गिरफ्तार किए गए। बेहतर आत्मसमर्पण नीति के कारण भटके हुए युवाओं की मुख्यधारा में वापसी संभव हुई है।

  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत 17 विभागों की भागीदारी से 25 कल्याणकारी योजनाओं और 18 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। 728 मोबाइल टॉवर चालू किए गए, 449 टॉवर 4जी में अपग्रेड हुए और सुदूर गांवों तक कनेक्टिविटी बढ़ी। 31 नई प्राथमिक शालाएं और 19 उपस्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत हुए, जबकि 11 हजार से अधिक बच्चों और महिलाओं का टीकाकरण संभव हुआ।

किसान कल्याण और कृषि सुधारों पर फोकस

  राज्यपाल ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना किसानों की समृद्धि से जुड़ा है। इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले 10 हजार 292 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया गया है।

   प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 24 लाख 72 हजार किसानों को लाभ मिल रहा है। 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के अंतर्गत सालाना 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।

  बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में दो वर्षों में 21 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए गए। दलहन बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना में अनुदान 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। तिलहन फसलों के लिए अनुदान 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाया गया है। धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल लेने पर 11 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जाएगी।

   इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है, जिससे खाद्यान्न की शेल्फ लाइफ बढ़ाने की तकनीक विकसित होगी।

पशुपालन, दुग्ध और मत्स्य क्षेत्र में विस्तार

  राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमओयू के तहत 488 नई डेयरी समितियां गठित की गई हैं। दूध का क्रय मूल्य 35 रुपये से बढ़ाकर 36.50 रुपये प्रति लीटर किया गया है। वर्ष 2022-23 में 1955 हजार टन दूध उत्पादन बढ़कर 2024-25 में 2162 हजार टन हो गया है।

  मत्स्य उत्पादन में प्रदेश देश में छठे स्थान पर है। कांकेर को ‘बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट’ के रूप में मान्यता मिली है। 7580 हेक्टेयर में निजी क्षेत्र में मत्स्यपालन हो रहा है और 2047 तक तीसरे स्थान का लक्ष्य रखा गया है।

महिला सशक्तिकरण: महतारी गौरव वर्षका संकल्प

  महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत लगभग 69 लाख महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक 24 किश्तों में 15 हजार 596 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं।

‘ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के अंतर्गत फरवरी 2026 में 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जिसमें रायपुर में 1,316 जोड़े शामिल हुए। यह आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ।

 ग्रामीण क्षेत्रों में 137 महतारी सदन पूर्ण और 212 निर्माणाधीन हैं। पोषण ट्रैकर ऐप से कुपोषण में कमी आई है और पोषण पखवाड़ा 2025 में राज्य प्रथम रहा।

जनजातीय विकास और सांस्कृतिक संरक्षण

  वनाधिकार पत्र वितरण में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। अब तक 4.83 लाख व्यक्तिगत और 48 हजार से अधिक सामुदायिक वनाधिकार पत्र जारी हुए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य 4 हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये किया गया है।

  ‘पीएम जनमन योजना’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत कार्य तेज हुए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राज्य को सम्मानित किया गया।

    नवा रायपुर में शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय स्थापित किया गया है। बस्तर पंडुम के दूसरे सफल आयोजन में 54 हजार 745 कलाकारों ने भाग लिया।

शिक्षा, युवा और स्वास्थ्य क्षेत्र में पहल

   उन्होने कहा कि नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है और 32 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

    जशपुर, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा में 5 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे 250 एमबीबीएस सीटें बढ़ी हैं। 6 फिजियोथेरेपी और 9 नर्सिंग कॉलेज भी स्थापित होंगे।

    आयुष्मान योजना के तहत 81 लाख परिवारों के कार्ड बनाए गए हैं और दो वर्षों में 4,551 करोड़ रुपये के क्लेम भुगतान हुए हैं। सिकल सेल उन्मूलन में राज्य अग्रणी बताया गया।

औद्योगिक विकास और अधोसंरचना विस्तार

     श्री डेका ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें सेमीकंडक्टर, आईटी, फार्मा और एआई क्षेत्र शामिल हैं। 400 से अधिक सुधारों से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार हुआ है।

  रेलवे परियोजनाओं में 51 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन को मंजूरी मिल चुकी है। रायपुर-विशाखापट्टनम और रायपुर-धनबाद एक्सप्रेस वे का निर्माण प्रगति पर है।

   पिछले दो वर्षों में 4,878 किलोमीटर लंबाई की 919 सड़कें और 188 पुल स्वीकृत किए गए हैं। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना’ से 330 गांव पहली बार बस सुविधा से जुड़े हैं।

ऊर्जा, पर्यावरण और डिजिटल गवर्नेंस

    उन्होने कहा कि एनर्जी समिट में 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। 15 लाख बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली का प्रावधान है। ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ में राज्य अतिरिक्त 30 हजार रुपये अनुदान दे रहा है।

    इंडियन स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार 683 वर्ग किमी वन एवं वृक्ष आवरण में वृद्धि हुई है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए।

    डिजिटल गवर्नेंस के तहत ई-फाइल, बायोमीट्रिक अटेंडेंस, ऑनलाइन डायवर्सन और स्व-नामांतरण जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।

संस्कृति और आस्था का संरक्षण

  राजिम कुंभ कल्प का सफल आयोजन हुआ। बाबा गुरु घासीदास की जन्मभूमि गिरौदपुरी धाम में सुविधाओं का विस्तार किया गया है। ‘रायपुर साहित्य उत्सव’ के माध्यम से साहित्यिक परंपरा को बढ़ावा दिया गया। चित्रोत्पला फिल्म सिटी निर्माणाधीन है, जिससे छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान मिलेगी।

 अभिभाषण के समापन में राज्यपाल ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार, किसानों की समृद्धि, महिला सशक्तिकरण, जनजातीय उत्थान, औद्योगिक निवेश, अधोसंरचना विस्तार और डिजिटल प्रशासन—इन सभी मोर्चों पर सरकार प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।