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छत्तीसगढ़ में रोजाना सैंपल जांच क्षमता अब 11 हजार के करीब

रायपुर 12 अगस्त।छत्तीसगढ़ में कोरोना सैंपल जांच की रोजाना क्षमता 11 हजार के करीब पहुंच गई है।

अभी एम्स रायपुर के साथ ही प्रदेश के सभी छह शासकीय मेडिकल कॉलेजों में आरटीपीसीआर, 16 केंद्रों में ट्रू-नाट मशीनों से और सभी जिलों में रैपिड एंटीजन किट से सैंपलों की जांच की जा रही है। कोविड-19 की पहचान के लिए प्रदेश में 11 अगस्त तक कुल तीन लाख 88 हजार 852 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इनमें से तीन लाख एक हजार 29 सैंपलों की जांच आरटीपीसीआर तकनीक से, 29 हजार 797 की जांच ट्रू-नाट विधि से और 58 हजार 206 सैंपलों की जांच रैपिड एंटीजन किट से किए गए हैं।

प्रदेश के सात मेडिकल कॉलेजों में स्थापित बीएसएल-2 लैब में रोजाना आरटीपीसीआर जांच की कुल क्षमता 4500 है। वहीं विभिन्न जिलों के 16 केंद्रों में स्थापित ट्रू-नाट मशीनों से रोज 2040 सैंपलों की जांच की जा सकती है। रैपिड एंडीजन किट से भी सभी 28 जिलों में प्रतिदिन 4450 सैंपलों की जांच की जा सकती है। आगामी 8-10 दिनों में सभी जिलों में ट्रू-नाट विधि से सैंपल जांच शुरू हो जाएगी। इसके लिए लैबों में मशीन स्थापना का काम तेजी से जारी है। प्रदेश के तीन निजी लैबों द्वारा भी सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। वहीं दो अस्पतालों में ट्रू-नाट विधि से कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए सैंपल जांच की अनुमति दी गई है।

कोरोना वायरस संक्रमितों की पहचान के लिए जांच का दायरा बढ़ाने के साथ ही प्रभावितों के इलाज के लिए विशेषीकृत कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।