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मनखे-मनखे एक समान के संदेश को जीवन में उतारने की जरूरत- भूपेश

रायपुर 17 दिसम्बर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मानव जाति के उत्थान में संत बाबा गुरू घासीदास जी का जीवन अनुकरणीय है। हम सभी को उनके बताए ’मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को जीवन में उतारने की जरूरत है।

श्री बघेल ने बाबा गुरू घासीदास की जयंती की पूर्व संध्या पर राजधानी में आयोजित सार्वजनिक गुरू घासीदास जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मानव जाति के उत्थान में संत बाबा गुरू घासीदास जी का जीवन अनुकरणीय है।हम सभी को उनके बताए ’मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को जीवन में उतारने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि सत्य के रास्ते में चलकर मानवता के हित में काम करना चाहिए। साधु-संतों और महापुरूषों के बताए रास्ते पर चलकर छत्तीसगढ़ सरकार के आज तीन साल पूरे हो रहे हैं।

उन्होने कहा कि बाबा गुरू गुरुघासीदास जी ने शिक्षा को बढ़ावा देने के  साथ ही समता रूपी समाज के निर्माण और सबके उत्थान की दिशा में काम किया। उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि सबकों समान न्याय मिले। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य प्रदेशों में भी गुरू पर्व का वातावरण बन गया है।

श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लक्ष्य के अनुसार धान की खरीद चल रही है। प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है। धान खरीदी के मात्र 15 दिनों में ही एक चौथाई धान की खरीदी हो गई है। धान खरीदी के लिए बारदाने सहित अन्य कई संकट और चुनौतियों के बावजूद भी निर्बाध रूप से धान खरीदी हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण कुछ काम जरूर प्रभावित हुए हैं। मेरे द्वारा की गई घोषणा के आधार पर बजट पास हो गया है। जो भी कार्य है वह शीघ्र प्रारंभ हो जाएंगे।

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