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कोविड प्रबंधन के लिए जिला और तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाने के निर्देश

नई दिल्ली 06 जनवरी।केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कोविड प्रबंधन के लिए जिला और तहसील स्तर पर चिकित्सक, बुनियादी सुविधाएं और बेड उपलब्धता की निगरानी के साथ नियंत्रण कक्ष बनाने के निर्देश दिए है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आरती अहूजा ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष में चिकित्सक, सलाहकार और स्वंयसेवकों के साथ पूरी आबादी के लिए टेलीफोन लाइन की सुविधाएं होनी चाहिए। कोविड मरीजों के आधार पर नियंत्रण कक्ष रोगियों को निरंतर आवश्‍यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराएगा। केंद्र ने रोगियों को आवागमन के लिए प्रत्येक नियंत्रण कक्ष में आवश्यकता अनुसार एम्बुलेंस देने को कहा है।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने इसके साथ ही कोविड के हल्‍के लक्षणों वाले और लक्षण रहित रोगियों को घर पर पृथकवास में रखने के बारे में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार कोविड रोगी को परिवार के अन्‍य सदस्‍यों से खुद को अलग रखना चाहिए। विशेष रूप से परिवार के वरिष्‍ठ और अन्‍य बीमारियों का सामना कर रहे सदस्‍यों से उन्‍हें पृथक रहना चाहिए।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोविड रोगियों को सलाह दी है कि वे घर पर उपचार के दौरान पल्‍स ऑक्‍सीमीटर की सहायता से रक्‍त में ऑक्‍सीजन की मात्रा पर स्‍वयं निगरानी रखें। पृथकवास में रखे गए रोगियों को कम से कम 7 दिन तक अलग रहना चाहिए और लगातार तीन दिन तक बुखार न होने पर अपने को संक्रमण से मुक्‍त समझना चाहिए। इसके लिए फिर से जांच कराने की आवश्‍यकता नहीं है।