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भारतनेट परियोजना के दूसरे तथा अंतिम चरण का हुआ शुभारंभ

नई दिल्ली 13 नवम्बर।सरकार ने मार्च 2019 तक देश की सभी ग्राम पंचायतों में हाईस्पीड ब्रॉडबैंड सेवा मुहैया कराने के लिए आज भारतनेट परियोजना के दूसरे तथा अंतिम चरण का शुभारंभ किया। इस परियोजना पर लगभग 34 हजार करोड़ रूपये की लागत आएगी।

इलैक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, संचार मंत्री मनोज सिन्हा और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी तथा विभिन्न राज्यों के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रियों ने आज यहां एक समारोह में इसकी शुरूआत की।

दूरसंचार विभाग ने आज भारतनेट के दूसरे चरण के क्रियान्वयन के लिए राज्यों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किेये।इस चरण के अंतर्गत देश की बाकी डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड कनैक्शन दे दिये जाएंगे।

दूरसंचार विभाग ने भारत नैट के पहले चरण में देश के कई राज्यों की एक लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर कनैक्टिविटी उपलब्ध कराई है। अगले महीने तक सभी एक लाख ग्राम पंचायतों में भारत नैट ढ़ाचा काम करना शुरू कर देगा। वर्तमान में नब्बे हजार से अधिक पंचायतों में कार्य हो चुका है और अस्सी हजार ग्राम पंचायतों में भी सेवाएं जल्द शुरू होंगी।

इस अवसर पर मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्य सरकारों के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रियों से अपने राज्य के विकास के लिए भारतनेट से लाभ उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारतनेट के माध्यम से डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि इत्यादि की जानकारी गांवों में पहुंचेगी।श्री प्रसाद ने कहा कि केन्द्र सरकार भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था को एक खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का प्रयास कर रही है।

मानव संसाधन विकासमंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने उन लोगों तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाई है, जो अब तक इनसे वंचित थे।संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि भारतनेट का उद्देश्य देश की सभी ग्राम पंचायतों को एक साथ जोड़ना है।

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