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संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के चलते हुई स्थगित

नई दिल्ली 27 दिसम्बर।संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विभिन्न मुद्दों पर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

लोकसभा में कांग्रेस सदस्य कौशल विकास राज्यमंत्री अनंत कुमार हेगड़े की संविधान पर कथित टिप्पणी को लेकर इस्तीफे की मांग करने लगे।तेलंगाना राष्ट्र समिति के सदस्य, तेलंगाना में उच्च न्यायालय बनाने की मांग को लेकर सदन के बीचोंबीच आ गये। शोर शराबे के बीच अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी।

इससे पहले, शिवसेना सदस्य अरविन्द सावंत ने सोमवार को इस्लामाबाद में कुलभूषण के परिवार के सदस्यों की मुलाकात का मुद्दा उठाया और कहा कि परिवार के सदस्यों की धार्मिक आस्था का अपमान हुआ।कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य प्रो. सौगत रॉय की भी यही राय थी। विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि वे कल इस मुद्दे पर जवाब देंगी।

राज्यसभा में भी विपक्षी दलों ने हंगामा किया और श्री हेगड़े के इस्तीफे की मांग की। 12बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर संसदीय कार्य मामलों के राज्यमंत्री विजय गोयल ने कहा कि श्री हेगड़े के वक्तव्य से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है।उन्होंने कहा कि सरकार का संविधान में पूरा विश्वास है।

सदस्य श्री गोयल के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और सदन में आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।इससे पहले, सदन की बैठक शुरू होने पर विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने श्री हेगड़े के इस्तीफे की मांग की।

उन्होने कहा कि कोई भी व्यक्ति, कोई भी भारतीय और इससे भी ऊपर कोई सांसद या मंत्री अगर भारतीय संविधान में विश्वास नहीं रखता है तो उसे संसद सदस्य या मंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्दु शेखर राय और समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल ने भी सदस्यों की मांग का समर्थन किया।

कांग्रेस के सदस्य श्री हेगड़े के खिलाफ नारे लगाते हुए सदन के बीचोंबीच आ गये। भारतीय जनता पार्टी के डॉ. सुब्रह्यमण्यम स्वामी ने कहा कि जिस समय डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान का प्रारूप तैयार किया था, उस समय सैक्युलर शब्द था ही नहीं। सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि कांग्रेस गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा में हार पर हताश है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का संविधान पर कभी विश्वास नहीं रहा यही कारण है कि उन्होंने अपने आपको उस पार्टी से अलग कर लिया।

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